शुक्रवार, सितंबर 12, 2014

जानिए की क्या हैं सियार सिंगी और हत्था जोड़ी एवं बिल्ली की नाल/बिल्ली की जेर तथा मोहिनी..??? कब और कैसे करें उपयोग..??

जानिए की क्या हैं सियार सिंगी और हत्था जोड़ी एवं बिल्ली की नाल/बिल्ली की जेर तथा मोहिनी..???

कब और कैसे करें उपयोग..??

जानिए की क्या हैं सियार सिंगी..??? कब और कैसे करें उपयोग..??
कैसे और कहाँ से प्राप्त करें शुद्ध एवं प्रामाणिक सियार सिंगी..???

शुद्ध,सिद्ध एवं प्रामाणिक (आपके नाम और गोत्र के अनुसार)  सियार सिंगी और हत्था जोड़ी एवं बिल्ली की नाल/बिल्ली की जेर तथा मोहिनी प्राप्त करने एवं  अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें---

ज्योतिषाचार्य पंडित "विशाल"दयानंद शास्त्री, मोब.--09024390067

ज्योतिषाचार्य पंडित "विशाल"दयानंद शास्त्री, मोब.--09024390067  के अनुसार सामान्तया इसे गीदड़-सिंगी अथवा सियार सिंगी कहते है l सियार एक वन्य-जीव है l इसके सर पर एक गांठ होती है। यह गांठ सभी सियारो के सर पर न होकर किसी-किसी सियार के सर पर ही पायी जाती है। शिकारी और वन्य जातियो के लोग ऐसे सियार को पहचान कर मार डालते है। और सियार सिंगी प्राप्त कर लेते है। आकर में ये सामान न होकर छोटी बड़ी, चपटी - गोल किसी भी तरह कि हो सकती है। मगर आवले से ज्यादा बड़ी नहीं होती हैl यदि किसी को मिल जाए तो इसे शुभ नक्षत्र मे विधि विधान से सिद्धि कर लेनी चाहिए l






ज्योतिषाचार्य पंडित "विशाल"दयानंद शास्त्री, मोब.--09024390067  के अनुसार धन-सम्पति, वशीकरण, शत्रु शमन मे व्यक्ति सशक्त ही जाता है l जिस व्यक्ति के पास यह होती है l उसे किसी बात कि कमी नहीं होती l उसकी सारी इच्छाये अपने आप पूरी हो जाती है l


सियार सिंगी से धन प्राप्ति :----

अगर व्यापार न चल पा रहा हो या जीवन में उन्नति न हो पा रही हो तो इस साधना को करना चाहिए. कई बार इर्ष्या के कारण कुछ लोग तंत्र प्रयोग कर देते हैं जिससे दूकान में ग्राहक नहीं आते यां कार्य सफल नहीं होते. इन परस्थितियों में भी यह प्रयोग राम बाण की तरह असर करता है. 

बुधवार के दिन सियार सिंगी को किसी स्टील की प्लेट में स्थापित कर दें. इस पर कुंकुम या केसर का तिलक लगाये. फिर इस पर चावल और फूल अर्पित करें और निम्न मंत्र का जप आसन में बैठ कर करें :-  "ॐ नमो भगवती पद्मा श्रीम ॐ हरीम, पूर्व दक्षिण उत्तर पश्चिम धन द्रव्य आवे, सर्व जन्य वश्य कुरु कुरु नमःl"

 इस मंत्र का मात्र 108 बार जप 21 दिन इस सियार सिंगी के सामने करें. 21 दिन के बाद इसको किसी डिब्बी में संभल कर रख ले. अगर दूकान न चल रही हो तो दूकान में किसी सुरक्षित स्थल में रख दे और केवल २१ बार इस मंत्र का उच्चारण करें. इस पाधना को करने वाले को कभी धन की याचना नहीं करनी पार्टी अपितु धन उसकी और स्वयं ही आकर्षित होता रहता है।

ऐसे करें सियार सिंगी  से धन प्राप्ति---

अगर व्यापार  न चल पा रह हो यां जीवन में उन्नति न हो पा रही हो तो इस साधना को करना चाहिए. कई बार इर्षा के कारण कुछ लोग तंत्र प्रयोग कर देते हैं जिससे दूकान में ग्राहक नहीं आते यां कार्य सफल नहीं होते. इन परस्थितियों में भी यह प्रयोग राम बाण की तरह असर करता है. बुधवार के दिन सियार सिंगी को किसी स्टील की प्लेट में स्थापित कर दें . इसपर कुमकुम या केसर का तिलक लगाये. फिर इसपर चावल और फूल अर्पित करें और निम्न मंत्र का जप आसन में बैठ कर करें. 

ॐ  नमो भगवती पद्मा श्रीम ॐ हरीम, पूर्व दक्षिण उत्तर पश्चिम धन द्रव्य आवे , सर्व जन्य वश्य कुरु कुरु नमः 
इस मंत्र का मात्र  108 बार जप 21 दिन  इस सियार सिंगी के सामने करें . 21 दिन के बाद इसको किसी डिब्बी में संभल कर रख ले. अगर दूकान न चल रही हो तो दूकान में किसी सुरक्षित स्थल में रख दे और केवल 21 बार इस मंत्र का उच्चारण करें . इस पाधना को करने वाले को कभी धन की याचना नहीं करनी पार्टी अपितु धन उसकी और स्वयं ही आकर्षित होता रहता है .

ऐसे पाएं कर्ज मुक्ति:----

ज्योतिषाचार्य पंडित "विशाल"दयानंद शास्त्री, मोब.--09024390067  के अनुसार  यदि आप लगातार कर्जों से परेशान हों या व्यवसाय में बाधा आ रही हो, या किसी भी प्रकार आय में वृद्धि नहीं हो पा रही हो तो एक सियार सिंगी होली के दिन एक चांदी की डिब्बी में रख लें व प्रत्येक पुष्य नक्षत्र में सिंदूर चढ़ाते रहें। ऐसा करने से आप की उपर्युक्त सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी व शीघ्र ही फल की प्राप्ति होगी।

सियार सिंगी द्वारा करें वशीकरण (शाबर मंत्र और विधि)-----

ज्योतिषाचार्य पंडित "विशाल"दयानंद शास्त्री, मोब.--09024390067  के अनुसार  वशीकरण का मतलब होता है किसी को अपने अनुकूल कर लेना ।

==== अगर प्रेमी यां प्रेमिका का मन बदल गया हो , या विवाह करने को राज़ी न हो रहे हों। 
===- कोई अधिकारी आपके विरोध में कार्य कर रहा हो,
==== परिवार में कोई सदस्य गलत रास्ते पर जा रहा हो तो वशीकरण प्रयोग से उसका मन बदला जा सकता है।

==== पति- पत्नी या परिवार के किसी अन्य सदस्य से न बनती हो और झगडे होते हों और घर में अगर कलह रहती हो तो वशीकरण से आपस में विवाद ख़तम किये जा सकते हैं ।

====शुक्रवार के दिन जिस भी व्यक्ति स्त्री या पुरुष को अपने अनुकूल करना हो उसका नाम कुमकुम से स्टील की प्लेट पर लिखें , अगर उसका चित्र हो तो नाम के ऊपर उसका चित्र रख दें । अब इसके ऊपर सियार सिंगी को स्थापित करें । सियार सिंगी पर केसर का तिलक लगाये। अब इस पर चावल और पुष्प चढ़ा दें। इसके बाद इसपर हिना की इत्र लगायें । मिठाई का भोग अर्पित करें.

अब निम्न मंत्र का जप १०८ बार करें:-

बिस्मिलाह मेह्मंद पीर आवे घोडे की सवारी , पवन को वेग मन को संभाले, अनुकूल बनावे , हाँ भरे , कहियो करे , मेह्मंद पीर की दुहाई , शब्द सांचा पिण्ड कांचा फुरो मंत्र इश्वरो वाचा।

इस प्रकार मात्र 21 दिन तक करें . 21 दिन के बाद सियार सिंगी को चित्र के साथ किसी लाल कपडे में बांध कर रख ले. जब तक वह चित्र सियार सिंगी के साथ बंधा रहेगा वोह व्यक्ति आपके अनुकूल रहेगा आपके वश में रहेगा।

पूरे प्रयोग में एक चीज़ का ध्यान अवश्य रखें की सियार सिंगी असली होनी चाहिए। आज कल बाज़ार में नकली सियार सिंगी की भरमार है और साधारण जन को इनकी पहचान नहीं होती जिसका फायदा नकली सियार सिंगी बेचने वाले उठाते हैं और अपनी जेबें भरते हसी। नकली का प्रयोग करेंगे तो साधना सफल कैसे होगी?


""शुभम भवतु""

शुद्ध,सिद्ध एवं प्रामाणिक (आपके नाम और गोत्र के अनुसार) हत्था जोड़ी प्राप्त करने एवं अधिक जानकारी के लिए तथा प्रयोग सम्बन्धी किसी जानकारी, समस्या समाधान या कुंडली विश्लेषण के लिए संपर्क करें---
ज्योतिषाचार्य पंडित "विशाल"दयानंद शास्त्री, मोब.--09024390067
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क्या हैं हत्था जोड़ी..??? कैसे करें इसका उपयोग..??? 

कैसे और कहाँ से प्राप्त करें शुद्ध एवं प्रामाणिक हाथ जोड़ी..???

ज्योतिषाचार्य पंडित "विशाल"दयानंद शास्त्री, मोब.--09024390067  के अनुसार यह बहुत ही शक्तिशाली व प्रभावकारी वस्तु है...
हत्था जोड़ी एक जंगली पौधे की जड़ होती है जो प्रायः मध्यप्रदेश में पाई जाती है ,यह जिसके पास होती है
उसे हर कार्य में सफलता मिलती है तंत्र शास्त्र में यह चमत्कारी साबित हुई है इसका प्रयोग प्रायः कोर्ट कचहरी ,मुकदमा ,शत्रु बाधा से मुक्ति आदि के निवारण में तथा वशीकरण आदि में प्रयोग किया जाता है...
हत्था जोड़ी में अद्भुत प्रभाव निहित रहता है, यह साक्षात चामुंडा देवी का प्रतिरूप है. यह जिसके पास भी होगा वह अद्भुत रुप से प्रभावशाली होगा. सम्मोहन, वशीकरण, अनुकूलन, सुरक्षा में अत्यंत गुणकारी होता है..

ज्योतिषाचार्य पंडित "विशाल"दयानंद शास्त्री, मोब.--09024390067  के अनुसार हत्था जोड़ी इंसान की भुजाओं के आकार की होती है। इसमें दो पंजे दिखाई देते हैं और उंगलियां भी साफ-साफ दिखाई देती हैं। पंजों की आकृति ठीक इसी प्रकार होती है, जैसे मुट्ठी बंधी हुई हो। ज्योतिषीय उपायों में इस जड़ का विशेष महत्व है। यह पौधा विशेष रूप से मध्यप्रदेश के वन क्षेत्रों में पाया जाता है। आमतौर वनवासी लोग इस जड़ को निकालकर बेचते हैं।एक विशेष जाती का पौधे की जड़ खोदने पर उसमे मानव भुजा जैसी दो शाखाये दिखाई देती है, इसके सिरे पर पंजा जैसा बना होता है. उंगलियों के रूप में उस पंजे की आकृति ठीक इस तरह की होती है जैसे कोई मुट्ठी बंधी हो. यही हत्था जोड़ी है हत्था जोड़ी विरूपा पौधे की जड़ में पायी जाता है. यह तांत्रिक प्रयोग की दुर्लभ वस्तु है. शुक्ल पक्ष में मंगलवार और शनिवार के दिन विरूपा पौधे को जूपन कर पौधे को उखाड़कर हत्था जोड़ी को निकाल लें 








कैसे सिद्ध करे हत्था जोड़ी..???

होली की रात को कुंए के पास जाकर थोड़ी मिट्टी खोद कर उसकी एक गणेशजी की मूर्ति बनाएं। उसके ऊपर सिंदूर से लेपन कर रातभर उसका अभिषेक-पूजन करें। सुबह आरती के बाद विसर्जन कर दें। इससे
प्रयोग से भी शीघ्र ही धन लाभ होने लगता है।

हत्था जोड़ी जो की एक महातंत्र में उपयोग में लायी जाती है और इसके प्रभाव से शत्रु दमन तथा मुकदमो में विजय हासिल होती है !

मेहनत और लगन से काम करके धनोपार्जन करते हैं फिर भी आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो आपको अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उपाय करना चाहिए।
इसके लिए किसी भी शनिवार अथवा मंगलवार के दिन हत्था जोड़ी घर लाएं। इसे लाल रंग के कपड़े में बांधकर घर में किसी सुरक्षित स्थान में अथवा तिजोरी में रख दें। इससे आय में वृद्घि होगी एवं धन का व्यय कम होगा।

ज्योतिषाचार्य पंडित "विशाल"दयानंद शास्त्री, मोब.--09024390067  के अनुसार आज कल प्रायः नकली हत्था जोड़ी मिलती है जो चमड़े या किसी जानवर के पैर आदि से बना कर पाखंडी लोग अपना जेब भरते है , जिसमे दुर्गन्ध भी आती है अतः लेने से पूर्व भली भांति जाँच परख कर ही हत्था जोड़ी प्राप्त करे।

हत्था जोड़ी की उपयोगिता :----

-चिंता से मुक्ति के लिए 
-लाईलाज बीमारी के उपचार में 
-लक्ष्मी प्राप्ति हेतु 
-मानसिक शांति हेतु 
-भाग्योदय हेतु 
-कार्य पूर्ति हेतु

हत्था जोड़ी को इस विधि से करें सिद्ध  :-

सर्व प्रथम हत्था जोड़ी को इस मंत्र से सिद्ध करें-

ॐ किलि किलि स्वाहा। 

ज्योतिषाचार्य पंडित "विशाल"दयानंद शास्त्री, मोब.--09024390067  के अनुसार वेसे तो नवरात्री पर इसका पूजन करना श्रेष्ठ रहता है अत: इसे नवरात्री से पहले ही उपलब्ध कर रख लेना चाहिए। शुभ दिन एवं शुभ योग में हत्ता जोड़ी लेकर उसे शुद्ध जल से स्नान कराये। धुप दीप देकर उसकी शुद्धि करे। एक डिब्बी में सिंदूर, कपूर एवं लौंग के साथ इसे रखे। इस प्रकार यह मंत्र चेतन्य सिद्ध हत्था जोड़ी कही जायेगी। तिजोरी में सिन्दूर युक्त हत्था जोड़ी रखने से आर्थिक लाभ में वृद्धि होने लगती है. हाथा जोड़ी एक जड़ है। होली के पूर्व इसको प्राप्त कर स्नान कराकर पूजा करें तत्पश्चात तिल्ली के तेल में डूबोकर रख दें।दो हफ्ते पश्चात निकालकर गायत्री मंत्र से पूजने के बाद इलायची तथा तुलसी के पत्तों के साथ एक चांदी की डिब्बी में रख दें। इससे धन लाभ होता है।

हत्था जोड़ी को इस विधि से करें सिद्ध  :-
आजकल अनेक लोगो के पास हत्था जोड़ी होगी किन्तु यदि हमको सिद्ध करना ही न आये तो हम भला कैसे लाभ प्राप्त कर सकते है ? 

तो आज मैं आप सब के समक्ष उस विधि पर प्रकाश डाल रहा हु जिसको करने से आप के पास जो हत्था जोड़ी है वो पूर्णतया सिद्ध और चैतन्य हो जाएगी तत्पश्चात यदि इस हत्था जोड़ी पर आप कोई भी प्रयोग संपन्न करेगे तो आप का प्रयोग पूर्ण फलदायी होगा और यदि कोई प्रयोग नहीं भी करते है सिर्फ अपने धन के स्थान पर स्थापित भी कर लेते है तो भी यह पूर्ण फलदायी होगा ! 

हत्था जोड़ी प्राप्त होने पर इसको तेल शोधन से सर्व प्रथम सिद्ध किया जाता है इसके लिए आप पहले किसी पात्र में हत्था जोड़ी को रख कर जल से फिर दूध - दही- घी - शहद - शक्कर पुनः जल से शुद्ध कर साफ़ वस्त्र से पोछकर किसी अन्य पात्र ( कटोरी ) में इसको रखे और ऊपर से तिल का इतना तेल भर दे कि हत्था जोड़ी उसमें पूरी डूब जाय ! इस पात्र को सावधानी पूर्वक ऐसे स्थान पर रख दे जहाँ कोई छेड़छाड़ न करे ! 

कुछ दिन के अंतराल के उपरान्त हत्थाजोड़ी वाले पात्र का निरिक्षण करते रहे ! यदि तेल कम हो जाता है तो पुनः उस पात्र में तेल भर दे ! ऐसा मैंने देखा है कि हत्था जोड़ी तेल सोखती है ! हत्थाजोड़ी जब तेल सोखना बंद कर दे तो उसे निकाल ले ! इसके उपरान्त चाँदी कि डिब्बी में सिंदूर भरकर उसमें रखे ! 

बसंत पंचमी - महाशिवरात्रि या होली दहन की रात पूर्व दिशा की और मुह कर लाल आसन पर बैठ जाय एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उस पर 250 ग्राम अक्षत की ढेरी बनाकर उसके ऊपर चाँदी की डिब्बी हत्था जोड़ी सहित रखे पास में ही माता लक्ष्मी का चित्र और ताम्र लोटे में जल भरकर पास में रखे और सर्वप्रथम गणेश - गुरु पूजन करने के बाद हत्था जोड़ी का गंध - अक्षत - लाल पुष्प - से पूजन कर केसर -एक जोड़ी लौंग अर्पित करे और धुप - दीप से पूजन कर लाल रंग की मिठाई का भोग लगाये और नेत्र बंद कर अपनी समस्त कामनाओ की पूर्ति करने के लिए तथा सुख- समृद्धि प्रदान करने का निवेदन करे , इसके बाद लाल चन्दन कि माला से मात्र एक माला पूर्ण एकाग्रता से निम्न मंत्र का जप करे !

मंत्र - "हत्थाजोड़ी अति महिमाधरी कामणगारी , खरी प्यारी , राज-प्रजा सब मोहनगारी सेवतफल पावे सब नरनारी , केसर कर्पूर से करू मैं पूजा, दुश्मन के बल को तू दे बुझा , मनइश्चित मांगू जो देवे , कहना कथन ही मेरा रखे , हत्थाजोड़ी मातु दुहाई , रखजे मेरी बात सवाई , मेरी भक्ति गुरु की शक्ति फुरो मंत्र ईश्वर वाचा " !!

मंत्र जप पूर्ण होने के बाद कर्पूर द्वारा माता लक्ष्मी की आरती करे ! तत्पश्चात प्रसाद ग्रहण कर ले ! जब दीपक ठंडा हो जाय तब पुष्प - केसर - और लौंग सहित डिबिया को लाल वस्त्र के एक रुमाल में बाँध कर अपनी तिजोरी - गल्ला या अलमारी में सुरक्षित रख दे ! माता लक्ष्मी के चित्र को पूजा स्थान में रख दे , लाल वस्त्र सहित अक्षत को उठा ले जो चौकी पर बिछा था और 251 रूपए के साथ किसी ब्राह्मण को दान कर दे ! ऐसा करने से हत्थाजोड़ी अभिमंत्रित होकर आपके लिए कार्य सिद्धि प्रदायक हो जाती है !

""शुभम भवतु""

शुद्ध,सिद्ध एवं प्रामाणिक (आपके नाम और गोत्र के अनुसार)  सियार सिंगी और हत्था जोड़ी एवं बिल्ली की नाल/बिल्ली की जेर तथा मोहिनी प्राप्त करने एवं  अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें---
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बिल्ली कि नाल या बिल्ली की जेर----

शुद्ध,सिद्ध एवं प्रामाणिक (आपके नाम और गोत्र के अनुसार)  सियार सिंगी और हत्था जोड़ी एवं बिल्ली की नाल/बिल्ली की जेर तथा मोहिनी प्राप्त करने एवं  अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें---
ज्योतिषाचार्य पंडित "विशाल"दयानंद शास्त्री, मोब.--09024390067


बिल्ली प्रसव के समय एक प्रकार की थैली त्यागती है। जिसे आंवल या जेर कहते हैं। प्रायः सभी पशुओं के शरीर से प्रसव के समय आंवल निकलता है। बिल्ली अपना आंवल तुरंत खा जाती है। 

पालतू बिल्ली का आंवल किसी कपड़े से ढक कर प्राप्त कर लिया जाए तो इसका तांत्रिक प्रभाव धन-धान्य में वृद्धि करता है। 

जब पालतू बिल्ली का प्रसव काल निकट हो, उसके लिए रहने और खाने की ऐसी व्यवस्था करें कि वह आपके कमरे में ही रहे। यह कुछ कठिन कार्य नहीं है, प्रेमपूर्वक पाली गई बिल्लियाँ तो कुर्सी, बिस्तर और गोद तक में बराबर मालिक के पास बैठी रहती हैं। उस पर बराबर निगाह रखें। जिस समय वह बच्चों को जन्म दे रही हो, सावधानी से उसकी रखवाली करें। बच्चों के जन्म के तुरंत बाद ही उसके पेट से नाल (झिल्ली) निकलती है और स्वभावतः तुरंत ही बिल्ली उसे खा जाती है। बहुत कम लोग ही उसे प्राप्त कर पाते हैं। 

अतः उपाय यह है कि जैसे ही बिल्ली के पेट से नाल बाहर आए, उस पर कपड़ा ढँक दें। ढँक जाने पर बिल्ली उसे तुरंत खा नहीं सकेगी। चूँकि प्रसव पीड़ा के कारण वह कुछ शिथिल भी रहती है, इसलिए तेजी से झपट नहीं सकती। जैसे भी हो, प्रसव के बाद उसकी नाल उठा लेनी चाहिए। फिर उसे धूप में सुखाकर प्रयोजनीय रूप दिया जाता है। 

धूप में सुखाते समय भी उसकी रखवाली में सतर्कता आवश्यक है। अन्यथा कौआ, चील, कुत्ता आदि कोई भी उसे उठाकर ले जा सकता है। तेज धूप में दो-तीन दिनों तक रखने से वह चमड़े की तरह सूख जाएगी। सूख जाने पर उसके चौकोर टुकड़े (दो या तीन वर्ग इंच के या जैसे भी सुविधा हो) कर लें और उन पर हल्दी लगाकर रख दें। हल्दी का चूर्ण अथवा लेप कुछ भी लगाया जा सकता है। इस प्रकार हल्दी लगाया हुआ बिल्ली की नाल का टुकड़ा लक्ष्मी यंत्र का अचूक घटक होता है।

तंत्र साधना के लिए किसी शुभ मुहूर्त में स्नान-पूजा करके शुद्ध स्थान पर बैठ जाएँ और हल्दी लगा हुआ नाल का सीधा टुकड़ा बाएँ हाथ में लेकर मुट्ठी बंद कर लें और लक्ष्मी, रुपया, सोना, चाँदी अथवा किसी आभूषण का ध्यान करते हुए 54 बार यह मंत्र पढ़ें- ‘मर्जबान उल किस्ता’।

इसके पश्चात्‌ उसे माथे से लगाकर अपने संदूक, पिटारी, बैग या जहाँ भी रुपए-पैसे या जेवर हों, रख दें। कुछ ही समय बाद आश्चर्यजनक रूप से श्री-सम्पत्ति की वृद्धि होने लगती है। इस नाल यंत्र का प्रभाव विशेष रूप से धातु लाभ (सोना-चाँदी की प्राप्ति) कराता है। 

पूजन विधि: सर्वप्रथम कहीं से जेर प्राप्त करके उस पर हल्दी का चूर्ण मल कर रख लेना चाहिए। 

इसके बाद किसी शुभ मुहूर्त में उसे लाल वस्त्र पर लपेट कर उसकी लोबान की धूनी और कपूर के दीप से पूजा कर दुर्गा मंत्र ‘‘¬ दुं दुर्गाये नमः’’ का 108 बार जप कर, उसे कहीं सुरक्षित रख देना चाहिए। इंद्र जाल: इंद्र जाल एक दुर्लभ एवं अमूल्य वस्तु है। इसे प्राप्त करना न तो आसान है और न ही यह नकली होता है। 

इंद्र जाल का उल्लेख डामरतंत्र, विश्वसार, रावण संहिता आदि ग्रन्थों में मिलता है। इसे विधि पूर्वक पूजा प्रतिष्ठा करके शुद्ध वस्त्र में लपेट कर पूजा घर में रखना चाहिए।

कुत्ते की तरह बिल्ली की छठी इन्द्री काफी विकसित होती है इसलिए यह भविष्य में होने वाली घटनाओं को पहले जान लेती है।

तंत्र विज्ञान में बिल्ली को महत्वपूर्ण जीव माना गया है। माना जाता है कि बिल्ली अगर घर में आकर रोने लगे तो कोई अनहोनी घटना हो सकती है। बिल्लियों का आपस में लड़ना धन हानि एवं किसी से लड़ाई का संकेत होता है।

ग्रह दोषों से रक्षा करती बिल्ली की नाल/ जेर----
ज्योत‌िषशास्‍त्र में बिल्ली को राहु की सवारी कहा गया है। जिनकी कुण्डली में राहु शुभ नहीं है उन्हें राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए ब‌िल्ली पालना चाहिए। लाल क‌िताब के टोटके के अनुसार बिल्ली की जेर को लाल कपड़े में लपेटकर बाजू पर बांधने से कालसर्प दोष से बचाव होता। ऊपरी चक्कर, नज़र दोष, प्रेत बाधा इन सभी में ब‌िल्ली की जेर बांधने से लाभ मिलता है।

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UJJAIN, MADHYAPRADESH, India
Thank you very much.. श्रीमान जी, आपके प्रश्न हेतु धन्यवाद.. महोदय,मेरी सलाह/परामर्श सेवाएं निशुल्क/फ्री उपलब्ध नहीं हें..अधिक जानकारी हेतु,प्लीज आप मेरे ब्लॉग्स/फेसबुक देख सकते हें/निरिक्षण कर सकते हें, फॉलो कर सकते हें.. *पुनः आपका आभार.धन्यवाद.. मै ‘पं. "विशाल" दयानन्द शास्त्री, Worked as a Professional astrologer & an vastu Adviser at self employed. I am an Vedic Astrologer & an Vastu Expert and Palmist. अपने बारे में ज्योतिषीय जानकारी चाहने वाले सभी जातक/जातिका … मुझे अपनी जन्म तिथि,..जन्म स्थान, जन्म समय.ओर गोत्र आदि की पूर्ण जानकारी देते हुए समस या ईमेल कर देवे..समय मिलने पर में स्वयं उन्हें उत्तेर देने का प्रयास करूँगा.. यह सुविधा सशुल्क हें… आप चाहे तो मुझसे फेसबुक /Linkedin/ twitter /https://branded.me/ptdayanandshastri पर भी संपर्क/ बातचीत कर सकते हे.. —-पंडित दयानन्द शास्त्री”विशाल”, मेरा कोंटेक्ट नंबर हे—- MOB.—-0091–9669290067(M.P.)— —Waataaap—0091–9039390067…. मेरा ईमेल एड्रेस हे..—- – vastushastri08@gmail­.com, –vastushastri08@hot­mail.com; (Consultation fee— —-For Kundali-2100/- rupees…।। —For Vastu Visit–11,000/-(1000 squre feet) एवम् आवास, भोजन तथा यात्रा व्यय अतिरिक्त…।। —For Palm reading/ hastrekha–2100/- rupees…।

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हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत

हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..???(HOW CAN TYPE IN HINDI ..??) -----हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत ...???? मित्रों, गुड मोर्निंग,सुप्रभात, नमस्कार.... मित्रों, आप सभी लोग भी हमारी तरह हिंदी में लिखना / टाईप करना चाहते होंगे की मेरी तरह सभी लोग इंटरनेट पर इतनी बढ़िया/ जल्दी हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..??? यह कोई खास / विशेष कार्य नहीं हें .. यदि आप लोग भी थोडा सा श्रम / प्रयास/ म्हणत करेंगे तो आप भी एक हिंदी लेखक बन सकते हें.. बस आपको इतना करना हें की मेरे द्वारा दिए गए निम्न लिंक पर जाकर किसी भी शब्द को अंग्रेजी / इंग्लिश में टाईप करना हें, वह शब्द अपने आप हिंदी / देव नगरी या फिर मंगल फॉण्ट या यूनिकोड में परिवर्तित /बदल जायेगा... तो आप सभी लोग हिंदी लिखने के लिए तैयार हें ना..!!! आप में से जिन मित्रों को हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत आ रही वे सभी लोग निम्न लिंक का यूज / प्रयोग करें----( ब्लॉग लिखने वाले या फिर आपने वाल पर पोस्ट लिखने वाले)- कुछ लिंक------ -----http://www.easyhindityping.com , -----http://imtranslator.net/translation/english/to-hindi/translation , -----http://utilities.webdunia.com/hindi/transliteration.html , -----http://transliteration.techinfomatics.com, -----http://hindi-typing.software.informer.com, -----http://www.quillpad.in/editor.html, -----http://drupal.org/project/transliteration -----http://www.google.com/inputtools/cloud/try , -----http://www.google.com/transliterate/.... -----http://www.hindiblig.ourtoolbar.com/...... -----http://meri-mahfil.blogspot.com/...... --.--http://rajbhasha.net/drupal514/UniKrutidev+Converter ------मित्रों, मेने आप सभी की सुविधा के लिए कुछ उपयोगी हिंदी टाईपिंग लिंक देने का प्रयास किया हें,जिनका में भी अक्सर उपयोग करता हूँ...मुझे आशा और विश्वास हें की आप भी इनका उचित उपयोग कर( हिंदी में टाईप कर) अपना नाम रोशन करें....कोई दिक्कत / परेशानी हो तो मुझसे संपर्क करें... अग्रिम शुभ कामनाओं के साथ .. आपका का अपना.... पंडित दयानंद शास्त्री मोब.--09024390067

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