बुधवार, जुलाई 29, 2015

आइये जाने की कैसे कलर्स ( रंग) से भी बनती है बिगड़ी हुई तकदीर

आइये जाने की कैसे कलर्स ( रंग) से भी बनती है बिगड़ी 

हुई तकदीर ???

पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार कलर्स (रंगों ) का हमारे सम्पूर्ण जीवन में अत्यधिक प्रभाव पड़ता हैं। मान लीजिए अगर संसार में रंग नहीं होते तो दुनिया बड़ी अजीब सी लगती इसलिए प्रकृति ने रंगों के रूप में अमूल्य उपहार सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में बिखेर दिया है।
क्या कभी आपके मन में यह सवाल उठा है की आखिर रंग है क्या चीज तो उत्तर है की रौशनी के उनचालीसवां स्पंदन अर्थात कंपन को रंग कहते हैं। जिस प्रकार ब्रह्माण्ड की हर वस्तु पर सूर्य की किरणों का असर होता है, ठीक उसी भांति ही रंगों का भी असर होता है।
व्यवहारात्मक रूप से देखें की जिस दिन आकाश बादलों से घिरा रहता है तो अग्नि मंद हो जाती है, शरीर सुस्ताने लग जाता है और अगर धूप होती है तो व्यक्ति में स्फूर्ति आ जाती है। जिस प्रकार सूर्य के ताप व प्रकाश का हमारे मन मस्तिष्क व देह पर प्रभाव पड़ता है, ठीक उसी भांति ही रंगों का हमारे मन मस्तिष्क व देह पर प्रभाव पड़ता है।

ज्योतिष वास्तु एवं अंकशास्त्र की दृष्टिकोण से भी रंगों का जीवन पर सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। इस लेख व्के माध्यम से जानते हैं की किस प्रकार कलर्स (रंग) हमारे जीवन और भाग्य को प्रभावित कतए हैं------

पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य मरकेश होकर त्रिक भाव में बैठा है तो सूर्य की रश्मियों का प्रभाव जीवन में बुरा पड़ेगा। अतः वास्तु के अनुसार व्यक्ति के पूर्व दिशा में दोष होगा अंकशास्त्र के आधार पर अंक "1" का प्रभाव कम करके या लाल या महरून रंग का प्रयोग न करके से उस रश्मि के प्रभाव की नेगटिविटी को कम किया जा सकता है।
व्यक्ति पर सूर्य का प्रभाव कम होने पर आंख, हड्डी, हृदय आदि के रोग से ग्रस्त होने की संभावना रहती है। मान लीजिए कुंडली में सूर्य शुभ भाव का स्वामी है पर नीच का होकर शत्रु भाव में बैठा हुआ है तो सूर्य की रश्मियों का प्रभाव जीवन पर कमजोर होगा अतः वास्तु के अनुसार व्यक्ति के पूर्व दिशा से सम्पूर्ण लाभ नहीं मिलेगा। अंक ज्योतिष के आधार पर एक अंक के प्रभाव को बढ़ाकर या लाल या महरून रंग का इस्तेमाल को बढ़ाकर उस रश्मि के प्रभाव की कमी को दूर किया जा सकता है। व्यक्ति पर सूर्य का शुभ प्रभाव पड़ने पर उसे नाम, कामयाबी,धन, दौलत व पुत्र संतान की प्राप्ति होती है।
पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार यदि किसी जातक की कुंडली में चंद्र कमजोर हो या वास्तु में उत्तर-पश्चिम दिशा में दोष हो या व्यक्ति पर 2 अंक का प्रभाव कम हो तो सफेद रंग का अधिक प्रयोग करने से मानसिक शांति, सौम्यता, व्यवहार कुशलता के साथ-साथ चंद्र के दोष से उत्पन्न बीमारियां तथा सर्दी-खांसी आदि में लाभ मिलता है।
अगर किसी कुंडली में गुरु कमजोर है या ईशान कोण में दोष है या 3 अंक के प्रभाव में कमी होने पर केसरी व पीला रंग के प्रयोग करने से लीवर की बीमारियां, वंश वृद्धि में कमी, ज्ञान की कमी दूर होती है। पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार यदि किसी जातक की कुंडली में राहु कमजोर हो या दक्षिण-पश्चिम की दिशा में दोष हो या 4 अंक का प्रभाव कम हो तो नीले रंग का प्रयोग करने से स्नायु-तंत्र से संबंधित बीमारियां, लकवा, पोलियो को ठीक किया जा सकता है।
पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार यदि किसी जातक की कुंडली में बुध की स्थिति कमजोर हो, घर की उत्तर दिशा में दोष हो या 5 अंक का प्रभाव कम रहे तो बुद्धि, विवेक में कमी बनी रहती है। ऐसी स्थिति में वाणी के प्रभाव में भी कमी रहेगी। बुध को बल देने हेतु हरे रंगं का प्रयोग करना चाहिए।
पण्डित "विशाल" दयानन्द शास्त्री के अनुसार यदि किसी जातक की कुंडली में केतु की स्थिति कमजोर हो, या इस पर 7 अंक का प्रभाव कम हो तो घाव, जख्म, फोड़ा, फुंसी, की शिकायत बनी रहती है। अतः केतू को बल हेतु ग्रे कलर का अधिक इस्तेमाल करना चाहिए।
यदि किसी जातक की कुंडली में शनि कमजोर होने पर या पश्चिम दिशा में दोष हो या 8 का प्रभाव कम हो तो व्यक्ति को मानसिक अशांति के साथ वात एवं गठिया की शिकायत होती है। शनि को बल देने हेतु काले रंग का अधिक इस्तेमाल करना चाहिए। यदि कुंडली में मंगल की स्थिति कमजोर हो या घर की दक्षिण दिशा में दोष रहे या 9 अंक का प्रभाव कम हो तो स्फूर्ति व उत्साह में कमी, अस्थि-मज्जा में विकार देखने को मिलता है। अतः नारंगी रंग का प्रयोग अधिक करना चाहिए।
पण्डित "विशाल" दयानन्द शास्त्री के अनुसार यदि गृह दशा और जन्म कुंडली के अनुसार रंगों का सही चुनाव व प्रयोग किया जाए तो रोगों से छूटकारा मिल सकता है। यदि रंगों का सही इस्तेमाल न किया जाए तो कष्ट एवं पीड़ा बनी रहती है। अतः जीवन में रंगों का सही इस्तेमाल कर इसे खुशहाल बनाया जा सकता है और हर क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती....





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हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत

हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..???(HOW CAN TYPE IN HINDI ..??) -----हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत ...???? मित्रों, गुड मोर्निंग,सुप्रभात, नमस्कार.... मित्रों, आप सभी लोग भी हमारी तरह हिंदी में लिखना / टाईप करना चाहते होंगे की मेरी तरह सभी लोग इंटरनेट पर इतनी बढ़िया/ जल्दी हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..??? यह कोई खास / विशेष कार्य नहीं हें .. यदि आप लोग भी थोडा सा श्रम / प्रयास/ म्हणत करेंगे तो आप भी एक हिंदी लेखक बन सकते हें.. बस आपको इतना करना हें की मेरे द्वारा दिए गए निम्न लिंक पर जाकर किसी भी शब्द को अंग्रेजी / इंग्लिश में टाईप करना हें, वह शब्द अपने आप हिंदी / देव नगरी या फिर मंगल फॉण्ट या यूनिकोड में परिवर्तित /बदल जायेगा... तो आप सभी लोग हिंदी लिखने के लिए तैयार हें ना..!!! आप में से जिन मित्रों को हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत आ रही वे सभी लोग निम्न लिंक का यूज / प्रयोग करें----( ब्लॉग लिखने वाले या फिर आपने वाल पर पोस्ट लिखने वाले)- कुछ लिंक------ -----http://www.easyhindityping.com , -----http://imtranslator.net/translation/english/to-hindi/translation , -----http://utilities.webdunia.com/hindi/transliteration.html , -----http://transliteration.techinfomatics.com, -----http://hindi-typing.software.informer.com, -----http://www.quillpad.in/editor.html, -----http://drupal.org/project/transliteration -----http://www.google.com/inputtools/cloud/try , -----http://www.google.com/transliterate/.... -----http://www.hindiblig.ourtoolbar.com/...... -----http://meri-mahfil.blogspot.com/...... --.--http://rajbhasha.net/drupal514/UniKrutidev+Converter ------मित्रों, मेने आप सभी की सुविधा के लिए कुछ उपयोगी हिंदी टाईपिंग लिंक देने का प्रयास किया हें,जिनका में भी अक्सर उपयोग करता हूँ...मुझे आशा और विश्वास हें की आप भी इनका उचित उपयोग कर( हिंदी में टाईप कर) अपना नाम रोशन करें....कोई दिक्कत / परेशानी हो तो मुझसे संपर्क करें... अग्रिम शुभ कामनाओं के साथ .. आपका का अपना.... पंडित दयानंद शास्त्री मोब.--09024390067

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