शुक्रवार, नवंबर 18, 2016

जानिए किन वास्तु दोषों के कारण लोग करते हैं आत्महत्या

जानिए किन वास्तु दोषों के कारण लोग करते हैं आत्महत्या---

प्रिय पाठकों/मित्रों, आए दिन अखबार के किसी कोने में देखने को मिल जाता हैं की कभी किसी ने परीक्षा मे फेल होने पर फांसी लगाई तो किसी ने प्यार में नाकाम होने पर किसी ने खुद को आग के हवाले कर दिया।बदलती जीवनशैली के कारण आज युवाओं के भीतर सहनशक्ति में भी अत्याधिक कमी देखी जा रही है |

वर्तमान समय में लगभग सभी ओर प्रतिस्पर्धा हावी हो चुकी है| पढ़ाई, कॅरियर और पारिवारिक जिम्मेदारियां कुछ ऐसे महत्वपूर्ण कारक हैं जिनमें असफलता व्यक्ति को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर देती है| जाहिर है कोई व्यक्ति अपने सुनहरे सपनों और बहुमूल्य जीवन का अंत खुशी से नहीं करेगा | अगर वे आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाते हैं या कोशिश भी करते हैं तो इसके पीछे उनकी कोई बहुत बड़ी विवशता होती है |

कितना आसान है आत्महत्या करना। पंखे से लटक जाआे, उंची जगह से कूद जाआे,ट्रेन की पटरी पर लेट जाआे,ब्लेड से नसें काट लाे,काेई कीटनाशक पी लाे,....आैर न जाने क्या क्या। कहा जाता है कि आत्महत्या करने वाला इंसान निराश,हताश,तनावग्रस्त आैर दुखी हाेता है। पर क्या आत्महत्या इस दुख काे कम कर देती है...यकीनन नहीं। मरने वाला ताे मर जाता है लेकिन वह दुख किसी और काे दे जाता है आैर वह भी जिंदगी भर के लिए। जिस परिवार में किसी ने आत्महत्या की हाे,जरा उससे पूछिए। राजधानी दिल्ली में हाल के कुछ दिनाें में आत्महत्या की कई वारदातें हुई हैं जिसने इस विषय काे माैजूं हना दिया है कि इस पर कुछ लिखा जाए। दुनियां में हर साल अनुमानत: 10 लाख लाेग आत्महत्या करते हैं। आंकड़े आगे पीछे हाे सकते हैं। यानि हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति अपनी जीवनलीला समाप्त कर लेता है। भारत में हर साल करीब 1 लाख लाेग आत्महत्या करते हैं। क्याें करते हैं लाेग आत्महत्या ?  लाेगाें के मन में आत्महत्या करने के विचार क्याें पनपते हैं?  इतना बड़ा कदम उठाने से पहले लाेग क्या साेचते हैं? 

आत्महत्या करना किसी समस्या के समाधान का हिस्सा नहीं बल्कि कायरता की निशानी है। आत्महत्या के विचार त्याग कर इस अमूल्य जीवन को जीने की कला सीखें और वास्तु-विषय आपके समस्याग्रस्त जीवन को अति-शीघ्र खुशहाल एवं समृद्धिदायक स्थिति में परिवर्तित करने में पूर्ण रूप से सक्षम है।

--मेरी (वास्तुविद पंडित दयानंद शास्त्री  विनम्र अपील/निवेदन, देश की युवा पीढ़ी से, परेशानी में या घबराकर अथवा किसी भी कारण से आत्महत्या जैसा दुष्कृत्य कभी ना करें..| ऐसा करने से पूर्ण अपने माता-पिता के बारे में चिंतन करें | भावुकता में कोई भी गलत निर्णय नहीं लेवें |अपने मित्रों -परिजनों से बातचीत कर समस्या का हल निकलने का प्रयास अवश्य करें ||

प्रिय पाठकों, जिस घर में नैऋत्य दिशा में दोष होता है। वहां अकाल मृत्यु जैसे- आत्महत्या, एक्सीडेंट, हत्या आदि कारणों से परिवार के सदस्यों की मौत होने की संभावना सबसे अधिक होती है। हर आत्महत्या के पीछे एक दर्द भरी कहानी होती है परन्तु ऐसे वह कौन से घर होते हं जहां पर परिवार का कोई सदस्य ऐसे भयावह कदम उठाने पर मजबूर हो जाता है? जब कोई आत्महत्या करता है तो उसके भाग्य के साथ-साथ उसके घर के वास्तुदोष भी अहम भूमिका निभाते हैं। वास्तुविद पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार दुनिया के जिस किसी भी घर में आत्महत्या होती है उस घर में दो या दो से अधिक वास्तुदोष अवश्य होते हैं जिनमें से एक घर के ईशान कोण (नार्थ ईस्ट) में होता है और दूसरा दोष र्नैत्य कोण (साऊथ वेस्ट) में होता है।

वास्तुविद पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार किसी घर के नेऋत्य कोण के वास्तुदोष जैसे भूमिगत पानी की टंकी, कुआं, बोरवेल, बेसमेंट या किसी भी प्रकार से इस कोने का फर्श नीचा हो या घर का दक्षिण नेऋत्य कोण  (साऊथ आफ द साऊथ वेस्ट) या पश्चिम नेऋत्य कोण  (वेस्ट आफ द साऊथ वेस्ट) बढ़ जाए। इस दोष के साथ यदि उस घर के पश्चिम नेऋत्य कोण  में मुख्य द्वार हो तो घर के पुरूष सदस्य के साथ और यदि मुख्य द्वार दक्षिण नेऋत्य कोण में हो तो उस घर की स्त्री द्वारा आत्महत्या की संभावना बलवती हो जाती है। यह तो हुआ एक वास्तुदोष। दूसरा वास्तुदोष घर के ईशान कोण में होता है जैसे - घर का यह कोना अंदर दब जाए, कट जाए, गोल हो जाए या किसी कारण पूर्व आग्नेय (ईस्ट आफ साऊथ ईस्ट) की ओर दीवार आगे बढ़ जाए तो घर के पुरूष सदस्य द्वारा और यदि उत्तर वायव्य (नार्थ आफ द नार्थ वेस्ट) की दीवार आगे बढ़ जाए तो घर की स्त्री सदस्य द्वारा आत्महत्या की जा सकती है।

वास्तुविद पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार इसी प्रकार यदि  घर के दक्षिण नेऋत्य कोण में मार्ग प्रहार हो तो स्त्रियां और पश्चिम नेऋत्य कोण  में मार्ग प्रहार हो तो पुरूष उन्माद जैसे रोगों के शिकार हांगे और कहीं-कहीं वे आत्महत्या भी कर सकते हैं व पूर्व आग्नेय कोण ढंके तो पुरूष द्वारा और उत्तर वायव्य ढंके तो भी स्त्री द्वारा आत्महत्या करने की संभावना बन जाती है। उपरोक्त आत्महत्याओं जैसी दुःखद घटनाओं से बचने का एकमात्र उपाय है कि, घर के वास्तुदोषों को दूर किया जाए |

वास्तुविद पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार यूं तो हर आत्महत्या के पीछे एक दर्द भरी कहानी होती है किन्तु जब कोई आत्महत्या करता है तो उसके भाग्य के साथ-साथ उसके घर के वास्तुदोष भी अहम भूमिका निभाते हैं।

----सामान्यतया जिस घर में आत्महत्या होती है उस घर में दो या दो से अधिक वास्तुदोष अवश्य होते हैं। 

----जिनमें से एक घर के ईशान कोण (उत्तर पूर्व) में होता है और दूसरा दोष नैऋत्य कोण (दक्षिण पश्चिम) में होता है। इन दिशाओं में भूमिगत पानी की टंकी, कुआं, बोरवेल, बेसमेंट या किसी भी प्रकार से इस कोने का फर्श नीचा हो या घर के दक्षिण दिशा का दक्षिणी कोना या दक्षिण पश्चिम का दक्षिणी भाग का बढ़ा हुआ हो तो वास्तु बुरी तरह प्रभावित होता है। इस दोष के साथ यदि घर के पश्चिम नैऋत्य कोण में मुख्य द्वार हो तो घर के पुरूष सदस्य द्वारा और यदि मुख्य द्वार दक्षिण नैऋत्य कोण में हो तो उस घर की स्त्री द्वारा आत्महत्या करने की संभावना रहती है।
----दूसरा वास्तुदोष घर के नैऋत्य या पश्चिम-नैऋत्य में कम्पाउंड वॉल व घर का द्वार हो तो उस घर के लोग बदनामी, जेल, एक्सीडेंट या खुदकुशी के शिकार होंगे। हार्ट अटैक, ऑपरेशन, एक्सीडेंट, हत्या, लकवा जैसी असामयिक मृत्यु के शिकार भी हो सकते हैं। 
----तीसरा वास्तुदोष घर के ईशान कोण में होता है। घर का यह कोना अंदर दब जाए, कट जाए, गोल हो जाए या किसी कारण दक्षिण पूर्व की दीवार पूर्व की ओर आगे बढ़ जाए तो घर के पुरूष सदस्य द्वारा और यदि उत्तर पश्चिमी दीवार का का उत्तरी भाग आगे बढ़ा हुआ हो तो स्त्री सदस्य आत्महत्या कर सकती है।  
----चौथा वास्तुदोष घर के जिस घर में पूर्व दिशा में मुख्य द्वार हो और कम्पाउंड वॉल के पूर्व -आग्नेय कोण में द्वार हो अथवा घर का ईशान कोण कट गया हो। ऐसे घर का मालिक आत्महत्या कर सकता है।
---- पांचवा वास्तुदोष  जिस घर में वायव्य में कुआं और पश्चिम-नैऋत्य में पश्चिम की ओर ढलाऊ बरामदा हो, कम्पाउंड वॉल के पश्चिम-नैऋत्य में भी दरवाजा हो तो उस घर का मालिक आत्महत्या कर लेता है।
--- यदि किसी घर के दक्षिण नैऋत्य में मार्ग प्रहार हो यानी इस दिशा में कोई रास्ता आकर मिल रहा हो तब स्त्रियां और पश्चिम नैऋत्य में कोई मार्ग आकर घर के द्वार के पास मिल रहा हो तब पुरूष इस प्रकार का कदम उठाते हैं।
---जमीन के पूर्व आग्नेय कोण को किसी भी चीज से ढकना नहीं चाहिए अन्यथा पुरूषों में निराशा और आत्महत्या की भावना बलवती होती है जबकि वायव्य ढका हुआ हो तब स्त्रियां निराश होकर इस तरह के कदम उठाती हैं।
----ऐसे घर में जहां पूर्व दिशा में मुख्य द्वार हो, चारदीवारी के पूर्व आग्नेय दिशा में एक और फाटक हो या घर की ईशान दिशा कट गई हो। वहां रहने वाले परिवार के सदस्यों की मृत्यु आत्महत्या से संभावित है। 
--- जिस घर में वायव्य में कुआं और पश्चिम-नैऋत्य में पश्चिम की ओर ढलाऊ बरामदा हो, पश्चिम में निम्न स्थल या चहारदीवारी की दक्षिण-नैऋत्य में फाटक हो। ऐसे घर में रहने वाले लोग आत्महत्या कर लेते हैं।
अगर आपके घर में भी यह वास्तु दोष हैं तो इन्हें तुरंत दूर करें।
=====================================================
ज्योतिष की नजर से---
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा और चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। अष्टम चंद्रमा नीच राशि में अथवा राहु को शनि के साथ विष योग और केतु के साथ ग्रहण योग उत्पन्न करता है। ऐसे समय में मनुष्य की सोचने समझने में शक्ति कम कर देता है। उसकी वजह से वो अपनी निर्णय शक्ति खो देता है। अगर 12वें भाव में ऐसी युति होने पर फांसी या आत्महत्या का योग बनता है। इसी तरह अनन्य भाव में अलग- अलग परिणाम उत्पन करता है। 

शास्त्रों में इससे बचने के लिए शिव स्तुति, महामृत्युंजय मंत्र, शिवकवच, देवीकवच और शिवाभिषेक सबसे सहज सरल और प्रभावी उपाय हैं। 

किसी भी ग्रह के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए शुभ ग्रह की स्तुति और नीच ग्रह का दान श्रेष्ठ रहता है। जिन्हें आत्महत्या के विचार आते हों, ऐसे व्यक्तियों को मोती एवं स्फटिक धारण करना चाहिए, और नियमित भगवान शिव का जलाभिषेक करना लाभप्रद रहते हैं। इसके अलावा पांच अन्न(गेहूं, ज्वार, चावल, मूंग,जवा और बाजरा) दान करना चाहिए। इसके साथ ही पक्षियों को इन अन्न के दाने भी खिलाना चाहिए।

--मेरी (वास्तुविद पंडित दयानंद शास्त्री  विनम्र अपील/निवेदन, देश की युवा पीढ़ी से, परेशानी में या घबराकर अथवा किसी भी कारण से आत्महत्या जैसा दुष्कृत्य कभी ना करें..| ऐसा करने से पूर्ण अपने माता-पिता के बारे में चिंतन करें | भावुकता में कोई भी गलत निर्णय नहीं लेवें |अपने मित्रों -परिजनों से बातचीत कर समस्या का हल निकलने का प्रयास अवश्य करें ||

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
UJJAIN, MADHYAPRADESH, India
Thank you very much.. श्रीमान जी, आपके प्रश्न हेतु धन्यवाद.. महोदय,मेरी सलाह/परामर्श सेवाएं निशुल्क/फ्री उपलब्ध नहीं हें..अधिक जानकारी हेतु,प्लीज आप मेरे ब्लॉग्स/फेसबुक देख सकते हें/निरिक्षण कर सकते हें, फॉलो कर सकते हें.. *पुनः आपका आभार.धन्यवाद.. मै ‘पं. "विशाल" दयानन्द शास्त्री, Worked as a Professional astrologer & an vastu Adviser at self employed. I am an Vedic Astrologer & an Vastu Expert and Palmist. अपने बारे में ज्योतिषीय जानकारी चाहने वाले सभी जातक/जातिका … मुझे अपनी जन्म तिथि,..जन्म स्थान, जन्म समय.ओर गोत्र आदि की पूर्ण जानकारी देते हुए समस या ईमेल कर देवे..समय मिलने पर में स्वयं उन्हें उत्तेर देने का प्रयास करूँगा.. यह सुविधा सशुल्क हें… आप चाहे तो मुझसे फेसबुक /Linkedin/ twitter /https://branded.me/ptdayanandshastri पर भी संपर्क/ बातचीत कर सकते हे.. —-पंडित दयानन्द शास्त्री”विशाल”, मेरा कोंटेक्ट नंबर हे—- MOB.—-0091–9669290067(M.P.)— —Waataaap—0091–9039390067…. मेरा ईमेल एड्रेस हे..—- – vastushastri08@gmail­.com, –vastushastri08@hot­mail.com; (Consultation fee— —-For Kundali-2100/- rupees…।। —For Vastu Visit–11,000/-(1000 squre feet) एवम् आवास, भोजन तथा यात्रा व्यय अतिरिक्त…।। —For Palm reading/ hastrekha–2100/- rupees…।

स्पष्टीकरण / DECLERIFICATION----

इस ब्लॉग पर प्रस्तुत लेख या चित्र आदि में से कई संकलित किये हुए हैं यदि किसी लेख या चित्र में किसी को आपत्ति है तो कृपया मुझे अवगत करावे इस ब्लॉग से वह चित्र या लेख हटा दिया जायेगा. इस ब्लॉग का उद्देश्य सिर्फ सुचना एवं ज्ञान का प्रसार करना है Disclaimer- Astrology this blog does not guarantee the accuracy or reliability of a

हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत

हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..???(HOW CAN TYPE IN HINDI ..??) -----हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत ...???? मित्रों, गुड मोर्निंग,सुप्रभात, नमस्कार.... मित्रों, आप सभी लोग भी हमारी तरह हिंदी में लिखना / टाईप करना चाहते होंगे की मेरी तरह सभी लोग इंटरनेट पर इतनी बढ़िया/ जल्दी हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..??? यह कोई खास / विशेष कार्य नहीं हें .. यदि आप लोग भी थोडा सा श्रम / प्रयास/ म्हणत करेंगे तो आप भी एक हिंदी लेखक बन सकते हें.. बस आपको इतना करना हें की मेरे द्वारा दिए गए निम्न लिंक पर जाकर किसी भी शब्द को अंग्रेजी / इंग्लिश में टाईप करना हें, वह शब्द अपने आप हिंदी / देव नगरी या फिर मंगल फॉण्ट या यूनिकोड में परिवर्तित /बदल जायेगा... तो आप सभी लोग हिंदी लिखने के लिए तैयार हें ना..!!! आप में से जिन मित्रों को हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत आ रही वे सभी लोग निम्न लिंक का यूज / प्रयोग करें----( ब्लॉग लिखने वाले या फिर आपने वाल पर पोस्ट लिखने वाले)- कुछ लिंक------ -----http://www.easyhindityping.com , -----http://imtranslator.net/translation/english/to-hindi/translation , -----http://utilities.webdunia.com/hindi/transliteration.html , -----http://transliteration.techinfomatics.com, -----http://hindi-typing.software.informer.com, -----http://www.quillpad.in/editor.html, -----http://drupal.org/project/transliteration -----http://www.google.com/inputtools/cloud/try , -----http://www.google.com/transliterate/.... -----http://www.hindiblig.ourtoolbar.com/...... -----http://meri-mahfil.blogspot.com/...... --.--http://rajbhasha.net/drupal514/UniKrutidev+Converter ------मित्रों, मेने आप सभी की सुविधा के लिए कुछ उपयोगी हिंदी टाईपिंग लिंक देने का प्रयास किया हें,जिनका में भी अक्सर उपयोग करता हूँ...मुझे आशा और विश्वास हें की आप भी इनका उचित उपयोग कर( हिंदी में टाईप कर) अपना नाम रोशन करें....कोई दिक्कत / परेशानी हो तो मुझसे संपर्क करें... अग्रिम शुभ कामनाओं के साथ .. आपका का अपना.... पंडित दयानंद शास्त्री मोब.--09024390067

समर्थक