मंगलवार, मार्च 21, 2017

जानिए इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 2017 पर्व को कब और क्यों मनाये ???

जानिए इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 2017 पर्व को कब और क्यों मनाये ???



प्रिय पाठकों/मित्रों, आजकल सोशल मीडिया में चैत्र नवरात्रि 2017 पर्व को लेकर बहुत चर्चा हो रही हैं कि इस वर्ष 28 मार्च को मनाएं या 29 मार्च 2017 को।।

💐💐👍👍👍💐💐💐💐

आइये शास्त्रोक्त सत्य जानने का प्रयास करें ---

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की भारतीय सनातन संस्कृति में संवत् यानि नए साल का शुभारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को होता है और इसी दिन हम लोग चैत्र नवरात्री का शुभारंभ भी करते है । संवत् 2074 में 28 मार्च 2017 मंगलवार के दिन नवरात्री में घट स्थापन किया जायेगा । क्योंकि भारतीय सनातन शास्त्रो में से धर्मसिन्धु और निर्णय सिंधु में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया हुआ है कि "नवरात्र आरम्भ प्रतिपदा के दिन किया जाता है अगर सूर्योदय के समय एक मुहूर्त से कम यही लगभग 48 मिन्ट से कम अगर प्रतिपदा हो तो जिस दिन अमावस्या हो उसी दिन घट स्थापना करना शात्रोक्त सही होता है" और 29 मार्च 2017 को प्रतिपदा सवेरे 5 बज कर 45 मिन्ट पर समाप्त हो जायेगी और सूर्योदय 5 बज कर 36 मिन्ट पर होगा तो प्रतिपदा मात्र 9 मिन्ट ही रहेगी इसलिए नवरात्री का आरम्भ 28 मार्च 2017 को ही किया जायेगा । 

अतः आप सभी से मेरा (ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री) विनम्र निवेदन हैं की किसी भी भ्रम में रह कर 28 मार्च 2017 को ही नवरात्रि का आरम्भ करते हुए माँ जगदम्बा की स्थापना करे जो एकदम सही और शास्त्रोक्त है । क्योंकि कई लोग 29 मार्च को करवा रहे है वो एकदम गलत है ।

ऐसे लोगो से बचे और शास्त्रोक्त निर्णय के अनुसार काम करे जिससे आपको लाभ और आशीर्वाद मिले ।

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार 28 मार्च 2017 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नववर्ष की शुरूआत होगी। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही गुड़ी पूजन का विशेष विधान बताया गया है। सूर्योदय के समय ही सूर्य को अघ्र्य देना चाहिये और फिर नीम मिश्री का सेवन किया जाये। ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य को अघ्र्य प्रदान कर बारह नामों से सूर्य नमस्कार करें तथा वेद में दिये गये संवत्सर सूक्त का पाठ करने से श्रेष्ठ फल की प्राप्ति होती है।

वर्ष 2017 में चैत्र (वासंती) नवरात्र व्रत 28 मार्च से शुरु होकर 5 अप्रैल तक रहेगें। व्रत का संकल्प लेने के बाद, मिट्टी की वेदी बनाकर ‘जौ बौया’ जाता है। इसी वेदी पर घट स्थापित किया जाता है। घट के ऊपर कुल देवी की प्रतिमा स्थापित कर उसका पूजन किया जाता है। इस दिन "दुर्गा सप्तशती" का पाठ किया जाता है। पाठ पूजन के समय दीप अखंड जलता रहना चाहिए|

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की नवरात्री की पहली तिथि पर सभी भक्त अपने घर के मंदिर में कलश स्थापना करते हैं। इस कलश स्थापना की भी अपनी एक पूजा विधि, एक मुहूर्त होता है। कलश स्थापना को घट स्थापना भी कहा जाता है। घट स्थापना का मुहूर्त प्रतिपदा तिथि (28 मार्च ) को प्रात: 08:26 बजे से 10:24 बजे तक है। इस समय के बीच ही घट स्थापना हो सकेगी।

इसी अवसर पर सृष्टि रचियता ब्रह्माजी के साथ ही शिव विष्णु सहित आह्वान पूजन, ध्वज पूजन, कलश पूजन करने से सुख समृद्धि की प्राप्ति होती हे।ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार  इस दिन विक्रम संवत 2074 शुरू होगा तथा इस अवसर पर तीर्थ की पूजन के साथ ही सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर सूर्य को अघ्र्य देने का विधान ज्योतिषियों द्वारा बताया गया है।
👌👌👌💐💐👍👍💐💐💐👌👌

28 मार्च: नवरात्र का पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना होती हैं। इस दिन घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 8:26 से लेकर 10:24 तक का हैं। पूजा में इन्हें चमेली का फूल अर्पित करना शुभ होता हैं।
29 मार्च : नवरात्र के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इनकी पूजा में भी चमेली का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता हैं।
30 मार्च : नवरात्र के तीसरे दिन देवी चन्द्रघंटा की पूजा होती हैं। इन्हें भी चमेली का फूल पसंद हैं।
31 मार्च: नवऱात्र के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे रूप देवी कूष्मांडा की पूजा होती हैं, जिन्हें लाल रंग के फूल पसंद हैं। 
1 अप्रैल:  नवरात्र के पांचवा दिन माता स्कंदमाता की पूजा की जाती है। जिन्हें मां पार्वती के नाम से भी जाना जाता हैं। इन्हें पूजा में लाल रंग के फूल अर्पित करने चाहिए।
2 अप्रैल: चैत्र नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का होती हैं। जिन्हें लाल रंग के फूल खासकर गुलाब का फूल अर्पित करें। 
3 अप्रैल : सातवें दिन यानि सप्तमी को मां कालरात्रि की पूजा होती हैं। जिन्हें रात की रानी का फूल पसंद हैं। 
4 अप्रैल: नवरात्र के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। इस दिन कई लोग कन्या पूजन भी करते हैं। 
5 अप्रैल: नववरात्र के अंतिम दिन राम नवमीं होती हैंं। पूजा का मुहूर्त सुबह 11: 09 ​से 1: 38 तक का हैं।
👌👌👌💐💐👍👍💐💐💐👌👌
ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री।।
 इंद्रा नगर, उज्जैन (मध्य प्रदेश)



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
UJJAIN, MADHYAPRADESH, India
Thank you very much.. श्रीमान जी, आपके प्रश्न हेतु धन्यवाद.. महोदय,मेरी सलाह/परामर्श सेवाएं निशुल्क/फ्री उपलब्ध नहीं हें..अधिक जानकारी हेतु,प्लीज आप मेरे ब्लॉग्स/फेसबुक देख सकते हें/निरिक्षण कर सकते हें, फॉलो कर सकते हें.. *पुनः आपका आभार.धन्यवाद.. मै ‘पं. "विशाल" दयानन्द शास्त्री, Worked as a Professional astrologer & an vastu Adviser at self employed. I am an Vedic Astrologer & an Vastu Expert and Palmist. अपने बारे में ज्योतिषीय जानकारी चाहने वाले सभी जातक/जातिका … मुझे अपनी जन्म तिथि,..जन्म स्थान, जन्म समय.ओर गोत्र आदि की पूर्ण जानकारी देते हुए समस या ईमेल कर देवे..समय मिलने पर में स्वयं उन्हें उत्तेर देने का प्रयास करूँगा.. यह सुविधा सशुल्क हें… आप चाहे तो मुझसे फेसबुक /Linkedin/ twitter /https://branded.me/ptdayanandshastri पर भी संपर्क/ बातचीत कर सकते हे.. —-पंडित दयानन्द शास्त्री”विशाल”, मेरा कोंटेक्ट नंबर हे—- MOB.—-0091–9669290067(M.P.)— —Waataaap—0091–9039390067…. मेरा ईमेल एड्रेस हे..—- – vastushastri08@gmail­.com, –vastushastri08@hot­mail.com; (Consultation fee— —-For Kundali-2100/- rupees…।। —For Vastu Visit–11,000/-(1000 squre feet) एवम् आवास, भोजन तथा यात्रा व्यय अतिरिक्त…।। —For Palm reading/ hastrekha–2100/- rupees…।

स्पष्टीकरण / DECLERIFICATION----

इस ब्लॉग पर प्रस्तुत लेख या चित्र आदि में से कई संकलित किये हुए हैं यदि किसी लेख या चित्र में किसी को आपत्ति है तो कृपया मुझे अवगत करावे इस ब्लॉग से वह चित्र या लेख हटा दिया जायेगा. इस ब्लॉग का उद्देश्य सिर्फ सुचना एवं ज्ञान का प्रसार करना है Disclaimer- Astrology this blog does not guarantee the accuracy or reliability of a

हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत

हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..???(HOW CAN TYPE IN HINDI ..??) -----हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत ...???? मित्रों, गुड मोर्निंग,सुप्रभात, नमस्कार.... मित्रों, आप सभी लोग भी हमारी तरह हिंदी में लिखना / टाईप करना चाहते होंगे की मेरी तरह सभी लोग इंटरनेट पर इतनी बढ़िया/ जल्दी हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..??? यह कोई खास / विशेष कार्य नहीं हें .. यदि आप लोग भी थोडा सा श्रम / प्रयास/ म्हणत करेंगे तो आप भी एक हिंदी लेखक बन सकते हें.. बस आपको इतना करना हें की मेरे द्वारा दिए गए निम्न लिंक पर जाकर किसी भी शब्द को अंग्रेजी / इंग्लिश में टाईप करना हें, वह शब्द अपने आप हिंदी / देव नगरी या फिर मंगल फॉण्ट या यूनिकोड में परिवर्तित /बदल जायेगा... तो आप सभी लोग हिंदी लिखने के लिए तैयार हें ना..!!! आप में से जिन मित्रों को हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत आ रही वे सभी लोग निम्न लिंक का यूज / प्रयोग करें----( ब्लॉग लिखने वाले या फिर आपने वाल पर पोस्ट लिखने वाले)- कुछ लिंक------ -----http://www.easyhindityping.com , -----http://imtranslator.net/translation/english/to-hindi/translation , -----http://utilities.webdunia.com/hindi/transliteration.html , -----http://transliteration.techinfomatics.com, -----http://hindi-typing.software.informer.com, -----http://www.quillpad.in/editor.html, -----http://drupal.org/project/transliteration -----http://www.google.com/inputtools/cloud/try , -----http://www.google.com/transliterate/.... -----http://www.hindiblig.ourtoolbar.com/...... -----http://meri-mahfil.blogspot.com/...... --.--http://rajbhasha.net/drupal514/UniKrutidev+Converter ------मित्रों, मेने आप सभी की सुविधा के लिए कुछ उपयोगी हिंदी टाईपिंग लिंक देने का प्रयास किया हें,जिनका में भी अक्सर उपयोग करता हूँ...मुझे आशा और विश्वास हें की आप भी इनका उचित उपयोग कर( हिंदी में टाईप कर) अपना नाम रोशन करें....कोई दिक्कत / परेशानी हो तो मुझसे संपर्क करें... अग्रिम शुभ कामनाओं के साथ .. आपका का अपना.... पंडित दयानंद शास्त्री मोब.--09024390067

समर्थक