मंगलवार, मार्च 28, 2017

जानिए आप कैसे अपना बुरा समय बदल सकते हैं घड़ी की स्थिति (पॉजिशन) से

जानिए आप कैसे अपना बुरा समय बदल सकते हैं घड़ी की स्थिति (पॉजिशन) से ---

प्रिय पाठकों/मित्रों, क्या आपने कभी सोचा है कि दीवार पर टंगी घंड़ियां भी आपके घर में सुख-समृद्धि का कारण बन सकती है| वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार घड़ी की सूईयां एवं पेंडुलम से सकारात्मक उर्जा का संचार होता है. घर में कभी भी बंद घड़ी नहीं रखनी चाहिए बंद घडी से घर की उन्नति रुक जाती है. चलती हुई घडी निरन्तर विकास का प्रतीक होती है. घरों में लगाई जाने जाने वाली घड़िया हमारे जीवन में महत्तवपूर्ण रोल निभाती है |ज्योतिष और वास्तु की बात करें, तो ये अद्वितीय शास्त्र हमें ये ज्ञान देते हैं कि चाहे कैसी भी विपरीत परिस्थितियाँ क्यूँ ना हों, ज्योतिष और वास्तु की सहायता से इन दोषों को कम किया जा सकता है और अपने विपरीत परिस्थितयों को अपने अनुकूल बनाया जा सकता है |

वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के मुताबिक वास्तु शास्त्र में घड़ी लगाने के भी कुछ नियम बताए गए है। गलत ढंग से लगाई गई घड़ी आपका नुकसान करवा सकती है। वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार सुनकर शायद यकीन न करें लेकिन यह सच है कि दीवाल पर टंगी घंड़ियां भी घर में सुख-समृद्धि लाती हैं। वास्तु शास्त्र  के अनुसार घड़ी की सूईयां एवं पेंडुलम से सकारात्मक उर्जा का संचार होता है। इसलिए कभी भी घर में बंद घड़ी नहीं रखें इससे उन्नति रूक जाती है।

वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार घड़ी का चलते रहना निरन्तर विकास का प्रतीक है। समय से पीछे चलती घड़ी भी वास्तु शास्त्र के अनुसार सही नहीं होती है। व्यवहारिक जीवन में भी घड़ी का समय से पीछे चलना कई बार परेशानी का करण बनता है इसलिए घड़ी का समय सही रखें। घड़ी टांगने का संबंध समय देखने के अलावा घर की साज-सज्जा से भी है। तीसरी बात यह है कि उचित और वास्तु सम्मत स्थान पर घड़ी टांगने से उस कमरे या घर के लोगों का जीवन जहां अनुशासित रहता है, वहीं समय की गति के साथ उनका जीवन भी क्रियाशील यानी एक्टिव रहता है।
घर की बनावट के अनुसार ही दीवार घड़ी या टाइम पीस को लगाने का प्रावधान करना चाहिए। अगर आपके पास छोटा और सीमित आकार वाला घर हो, तो सिर्फ ड्राइंग रूम में ही वॉल-क्लॉक लगाना चाहिए।

जानिए घड़ी को कहां पर लगाएं ???

वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार घड़ी कभी भी दक्षिण दिशा वाली दीवार पर नहीं लगाएं। दक्षिण दिशा को वास्तु शास्त्र  में  शुभ नहीं माना गया है क्योंकि यह यम की दिशा होती है। विज्ञान के अनुसार इस दिशा में निगेटिव एनर्जी होती है। दक्षिण दिशा की दीवार पर घड़ी होने से बार-बार आपका ध्यान इस दिशा की ओर जाएगा। इससे बार-बार दक्षिण दिशा की नकारात्मक उर्जा आप प्राप्त करेंगे।

वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार घड़ी को कभी भी मुख्य द्वार के ठीक सामने अथवा दरवाजे के ऊपर नहीं लगाना चाहिए। इससे घर से बाहर आते और जाते समय आपके आस-पास की उर्जा प्रभावित होती है। इसके परिणामस्वरूप तनाव बढ़ता है। कुछ लोग सोते समय घड़ी तकिया के नीचे रख लेते हैं। ऐसा करने से घड़ी की टिक-टिक से नींद खराब होती है। 

वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के मुताबिक आजकल जो भी घड़ियां आती हैं वह आमतौर पर बैट्री से चलती हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जो इलेक्ट्रो-मैग्नेनिटक तरंग निकलता है उसका प्रभाव मस्तिष्क एवं हृदय पर पड़ता है। इसलिए फेंगशुई के साथ वैज्ञानिक दृष्टि से भी तकिये के नीचे घड़ी रखना अच्छा नहीं माना जाता है। ।

जानिए घड़ी की सही दिशा ---
वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार घडी को दीवार पर लगाने के लिए उत्तर, पूर्व एवं पश्चिम दिशा को आदर्श माना जाता है। इन दिशाओं को पोजेटिव एनर्जी प्रदान करने वाला माना जाता है। ड्रांईंग रूम या बेडरूम में घड़ी ऐसे लगाएं ताकि रूम में प्रवेश करने पर घड़ी पर नज़र जाए। यह भी ध्यान रखें कि घड़ी पर धूल-मिट्टी न जमे।  मधुर संगीत उत्पन्न करने वाली दीवार घड़ी घर के मुख्य हॉल में लगानी चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। 

जानिए इसके साथ ही साथ क्या करें और क्या न करें ?

- दक्षिण दिशा में घड़ी कदापि न लगायें .
- घर के मुख्य दरवाज़े के ऊपर भी घड़ी कभी न लगायें.
- बंद पड़ी हुयी घड़ियों को यथाशीघ्र सही करवाएं .
- यदि घड़ी बिलकुल ख़राब हो गयी हो तो घर में ना रखें .
- किसी भी रिश्तेदार को भूल कर भी गिफ्ट में घड़ी ना दें .
- यदि घड़ी का समय आगे या पीछे हो गया हो तो उसे सही समय से मिला लें .
- घड़ी का समय आगे या पीछे न रखें .
- दीवार घड़ी पर कभी धुल न जमने दें, समय समय पे उसे साफ़ करते रहा करें .
- घर का माहौल खुशनुमा बनाये रखने के लिए उन घड़ियों को लगायें जिनकी संगीत मधुर हो .
- सोते समय तो हरगिज़ भी तकिये के नीचे कोई भी घड़ी न रखें .
- घर के पूर्व, उत्तर और पश्चिम में ही घड़ी लगायें .
-घर के ड्राइंग रूम में पेंडुलम वाली घड़ियाँ लगाने से सौभ्य वृधि होती है .
- गोल, आयताकार घड़ियाँ शुभ प्रभाव लाती हैं.


जानिए कौन सी घड़ी लकी है----
वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार घड़ियों का आकार वास्तु शास्त्र में काफी मायने रखता है। इसलिए जब अब घड़ी खरीद रहे हों तो इस बात का ध्यान रखें कि क्या आपकी घड़ी वास्तु शास्त्र के अनुसार आपके लिए लकी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार अंडाकार, गोल, अष्टभुजाकार और षट्भुजाकार एवम आयताकार घड़ियाँ शुभ प्रभाव लाती हैं |

जानिए घडी लगते समय क्या रखें सावधानिया---

----स्टडी रूम में पूर्व या वायव्य कोण में घड़ी लगाना सर्वोत्तम रहेगा। इससे जहां वहां कार्यरत अध्ययनकर्ता की एकाग्रता बनी रहेगी, वहीं उनका समय भी फालतू कार्यों और दिमागी उलझनों में बर्बाद नहीं होगा।
----वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार ड्राइंग रूम में पूर्व या वायव्य कोण में दीवार घड़ी लगाने से घर के सदस्यों की शारीरिक और मानसिक ऊर्जा गतिमान रहेगी। उनके जीवन में नवीनता और गतिशीलता आएगी। पूर्व दिशा में लगाई गई दीवार घड़ी उनको सदैव समय पर जागृत रखेगा और किसी भी आकस्मिक घटना-दुर्घटना के प्रति वे समय रहते सचेत हो जाएंगे। साथ ही घर के सदस्यों का जीवंत व्यवहार बैठक यानी ड्राइंग रूम को आबाद रखेगा और उसमें साज-सज्जा के नए-नए और आधुनिक वास्तु सामग्री का संग्रह होता ही रहेगा। अच्छा ड्राइंग रूम गृहस्थ के सुविचार और अच्छे टेस्ट का प्रतीक बनेगा।
----यदि ड्राइंग रूम के उत्तर की ओर दीवार घड़ी लगाते हैं, तो आर्थिक कार्य समय पर बनते रहेंगे। घर में धन की आवक समय पर होगी, लेकिन उत्तर की ओर पितर और देवताओं का वास होता है। अत: किसी देवी-देवता की चित्र या फोटो प्रतीक लगी हुई दीवार घड़ी लगाई जाए, तो ड्राइंग की साज-सज्जा में चार चांद लग जाएंगे।
----वायव्य कोण बदलाव का प्रतीक है। हवा यानी वायु हर समय इस दिशा को साफ करती है। इस दिशा में अगर घड़ी लगाना हो, तो सादा और गोलाकार या अंडाकार नमूने की ही घड़ी लगानी चाहिए, ताकि समय की गति और बदलाव के अच्छे और सुखद क्षण बार-बार आते रहें। जिस प्रकार हवा गोल दायरे में चक्कर काटती है, वैसे ही मानव जीवन भी एक आवृति लिए रहता है। उसमें दुख-सुख अपना चक्कर पूरा करते रहते हैं।
---वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार यह भी ध्यान रहे कि जहां भी घड़ी लगाई जा रही है, वहां या उसके आसपास शेर, भालू, सियार गिद्द, सुअर, घडि़याल, बाघ, चीता या सांप आदि परभक्षी व खतरनाक प्राणियों के चित्र नहीं लगाने चाहिए। इससे जहां समय की धारा विरुद्ध हो जाती है, वहीं अन्य प्रकार के वास्तु-दोष घर के सदस्यों की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं।
----वास्तुशास्त्री पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार बेडरूम में सदैव उत्तर या उत्तरपूर्व दिशा में ही घड़ी लगानी चाहिए। वैसे, यहां अधिक खटपट करने वाली क्लॉक नहीं लगानी चाहिए और न ही अलार्म रहित घड़ी। हां, प्रत्येक घंटे चेतावनी देने वाली टबिल क्लॉक बेड रूम में लगाना अच्छा नहीं रहेगा। इससे नींद में खलल पड़ेगा।
----वास्तु शास्त्र के अनुसार कभी भी घर के मुख्य द्वार या दरवाजे के ऊपर घड़ी लगाना भी शुभ नहीं माना गया है. घर के मुख्य द्वार पर घडी लगाने से घर में तनाव बढ़ता है |
---घर में बहुत पुरानी या बार-बार खराब होने वाली और धुंधले शीशे वाली घड़ियां भी नहीं लगनी चाहिए ये की सफलता में बाधक है |
----आजकल बाजार में जो घड़िया आयी है वह अधिकतर बैट्री से चलती हैं. इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जो इलेक्ट्रो-मैग्नेनिटक तरंग निकलती है ये हमारे मस्तिष्क एवं हृदय पर बुरा प्रभाव डालती है वास्तुशास्त्र के अनुसार और वैज्ञानिक दृष्टि से ऐसी घड़ियों को तकिये के नीचे नहीं रखना चाहिए |
----ऑफिस या कार्यस्थल पर लगाई जाने वाली घडी का साइज कुछ बड़ा होना चाहिए ये गाड़ी दिखने में साफ़ सुथरी होनी चाहिए. बहुत पुरानी और रुक-रुक कर चलने वाली घड़ी कार्यालय में नेगेटिव ऊर्जा लाती है |
---दीवार की घडी पर कभी भी धूल-मिट्टी न जमने दे समय-समय पर घडी पर जमी धूल मिटटी को साफ़ करते रहे |
----यदि घडी का शीशा टूटा हो तो उसे समय पर बदल देना चहिये अन्यथा घर में नेगेटिव ऊर्जा आती है|
----घड़ी को घर पर ऐसे स्थान में लगाए जहा से सभी को आसानी से दिखाई दे |
----कभी भी बेड के सिरहाने वाली दीवार पर कोई घड़ी या फोटो फ्रेम न लगाए इससे घर के सदस्यों में सर दर्द की समस्या बानी रहती है |






कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
UJJAIN, MADHYAPRADESH, India
Thank you very much.. श्रीमान जी, आपके प्रश्न हेतु धन्यवाद.. महोदय,मेरी सलाह/परामर्श सेवाएं निशुल्क/फ्री उपलब्ध नहीं हें..अधिक जानकारी हेतु,प्लीज आप मेरे ब्लॉग्स/फेसबुक देख सकते हें/निरिक्षण कर सकते हें, फॉलो कर सकते हें.. *पुनः आपका आभार.धन्यवाद.. मै ‘पं. "विशाल" दयानन्द शास्त्री, Worked as a Professional astrologer & an vastu Adviser at self employed. I am an Vedic Astrologer & an Vastu Expert and Palmist. अपने बारे में ज्योतिषीय जानकारी चाहने वाले सभी जातक/जातिका … मुझे अपनी जन्म तिथि,..जन्म स्थान, जन्म समय.ओर गोत्र आदि की पूर्ण जानकारी देते हुए समस या ईमेल कर देवे..समय मिलने पर में स्वयं उन्हें उत्तेर देने का प्रयास करूँगा.. यह सुविधा सशुल्क हें… आप चाहे तो मुझसे फेसबुक /Linkedin/ twitter /https://branded.me/ptdayanandshastri पर भी संपर्क/ बातचीत कर सकते हे.. —-पंडित दयानन्द शास्त्री”विशाल”, मेरा कोंटेक्ट नंबर हे—- MOB.—-0091–9669290067(M.P.)— —Waataaap—0091–9039390067…. मेरा ईमेल एड्रेस हे..—- – vastushastri08@gmail­.com, –vastushastri08@hot­mail.com; (Consultation fee— —-For Kundali-2100/- rupees…।। —For Vastu Visit–11,000/-(1000 squre feet) एवम् आवास, भोजन तथा यात्रा व्यय अतिरिक्त…।। —For Palm reading/ hastrekha–2100/- rupees…।

स्पष्टीकरण / DECLERIFICATION----

इस ब्लॉग पर प्रस्तुत लेख या चित्र आदि में से कई संकलित किये हुए हैं यदि किसी लेख या चित्र में किसी को आपत्ति है तो कृपया मुझे अवगत करावे इस ब्लॉग से वह चित्र या लेख हटा दिया जायेगा. इस ब्लॉग का उद्देश्य सिर्फ सुचना एवं ज्ञान का प्रसार करना है Disclaimer- Astrology this blog does not guarantee the accuracy or reliability of a

हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत

हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..???(HOW CAN TYPE IN HINDI ..??) -----हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत ...???? मित्रों, गुड मोर्निंग,सुप्रभात, नमस्कार.... मित्रों, आप सभी लोग भी हमारी तरह हिंदी में लिखना / टाईप करना चाहते होंगे की मेरी तरह सभी लोग इंटरनेट पर इतनी बढ़िया/ जल्दी हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..??? यह कोई खास / विशेष कार्य नहीं हें .. यदि आप लोग भी थोडा सा श्रम / प्रयास/ म्हणत करेंगे तो आप भी एक हिंदी लेखक बन सकते हें.. बस आपको इतना करना हें की मेरे द्वारा दिए गए निम्न लिंक पर जाकर किसी भी शब्द को अंग्रेजी / इंग्लिश में टाईप करना हें, वह शब्द अपने आप हिंदी / देव नगरी या फिर मंगल फॉण्ट या यूनिकोड में परिवर्तित /बदल जायेगा... तो आप सभी लोग हिंदी लिखने के लिए तैयार हें ना..!!! आप में से जिन मित्रों को हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत आ रही वे सभी लोग निम्न लिंक का यूज / प्रयोग करें----( ब्लॉग लिखने वाले या फिर आपने वाल पर पोस्ट लिखने वाले)- कुछ लिंक------ -----http://www.easyhindityping.com , -----http://imtranslator.net/translation/english/to-hindi/translation , -----http://utilities.webdunia.com/hindi/transliteration.html , -----http://transliteration.techinfomatics.com, -----http://hindi-typing.software.informer.com, -----http://www.quillpad.in/editor.html, -----http://drupal.org/project/transliteration -----http://www.google.com/inputtools/cloud/try , -----http://www.google.com/transliterate/.... -----http://www.hindiblig.ourtoolbar.com/...... -----http://meri-mahfil.blogspot.com/...... --.--http://rajbhasha.net/drupal514/UniKrutidev+Converter ------मित्रों, मेने आप सभी की सुविधा के लिए कुछ उपयोगी हिंदी टाईपिंग लिंक देने का प्रयास किया हें,जिनका में भी अक्सर उपयोग करता हूँ...मुझे आशा और विश्वास हें की आप भी इनका उचित उपयोग कर( हिंदी में टाईप कर) अपना नाम रोशन करें....कोई दिक्कत / परेशानी हो तो मुझसे संपर्क करें... अग्रिम शुभ कामनाओं के साथ .. आपका का अपना.... पंडित दयानंद शास्त्री मोब.--09024390067

समर्थक