मंगलवार, मार्च 07, 2017

जानिए वास्तु और आइना (शीशा/दर्पण/कांच) का सम्बन्ध, इसके प्रभाव और लाभ-हानि

जानिए वास्तु और आइना (शीशा/दर्पण/कांच) का सम्बन्ध, इसके प्रभाव और लाभ-हानि--

प्रिय पाठकों/मित्रों, हमारे घरों का शीश/कांच/आईना एक खास हिस्सा होता है। आईने के सामने खड़े होकर खुद को निहारना किसे अच्छा नहीं लगता। लेकिन इसकी अहमियत सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती। वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार वास्तुशास्त्र के हिसाब से भी दर्पण की , घर में काफी अहमियत होती है। आपके घर में किस दिशा में , किस आकार और आकृति का दर्पण लगा है , इसका भवन और इसके आस-पास की उर्जा पर काफी प्रभाव पड़ता है। इसलिए वास्तुशास्त्र में इसके सही इस्तेमाल पर काफी जोर दिया जाता है , क्योंकि दर्पण का इस्तेमाल किसी भी तरह की अशुभ उर्जा का मार्ग बदलने के लिए किया जाता है। 
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वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार न सिर्फ भारतीय वास्तु शास्त्र में , बल्कि चाइनीज वास्तु यानी फेंगशुई में भी दर्पण को लाभकारी माना गया है। लेकिन इसके लाभ के लिए इसका सही इस्तेमाल बहुत जरूरी है , क्योंकि गलत इस्तेमाल से नुकसान होते भी देर नहीं लगती। इसका अर्थ यह भी नहीं कि आप अपने घर या दफ्तर में लगे हर दर्पण को शक की निगाह से देखने लगें या किसी भी शीशे को घर लाने से पहले वास्तुविशेषज्ञ की सलाह लें। लेकिन अगर आप थोड़ी सी सूझबूझ और जानकारी से इसका इस्तेमाल करें तो काफी फायदा उठा सकते हैं।

क्या है दर्पण की सही दिशा:- 
वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार वास्तु शास्त्र के मुताबिक ब्रह्मांड की पॉजीटिव एनर्जी हमेशा पूर्व से पश्चिम की तरफ और उत्तर से दक्षिण की तरफ चलती है। इसलिए दर्पण को हमेशा पूर्व या उत्तर की दीवार पर इस तरह लगाना चाहिए की देखने वाले का चेहरा पूर्व या उत्तर की ओर रहे। क्योंकि दक्षिण या पश्चिम की दीवारों पर लगे दर्पण , उलट दिशाओं से आ रही ऊर्जा को रिफ्लेक्ट कर देते हैं और आप नहीं चाहेंगे कि आप के घर में आ रही पॉजीटिव एनर्जी वापस लौट जाए।

कैसा हो दर्पण का आकार:- 
वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार दर्पण जितना बड़ा और हल्का हो , वास्तु के हिसाब से उतना ही अच्छा माना जाता है। हालांकि संख्या को लेकर कोई कठोर नियम नहीं है , और घर में जरूरत के मुताबिक ही आईनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक से ज्यादा शीशों को मिला कर एक बड़े शीशे की तरह इस्तेमाल किया जाए। क्योंकि ऐसा करने पर शरीर खंडित दिखाई देगा , जो वास्तु के हिसाब से सही नहीं है।

दर्पण के इस्तेमाल में सावधानी:- 
वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि आईना टूटा-फूटा , नुकीला , चटका हुआ , धुंधला या गंदा न हो और उसमें प्रतिबिंब , लहरदार या टेढ़ा-मेढ़ा न दिखाई दे। हमारी शक्ल को ठीक ढंग से न दिखाने वाला दर्पण हमारे प्रभामंडल यानी ' ऑरा ' को प्रभावित करता है और ऐसे आईने के लंबे समय तक , लगातार इस्तेमाल से नेगेटिव एनर्जी पैदा होती है।

कैसा हो दर्पण का फ्रेम:- 
वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार दर्पण का फ्रेम भी काफी अहम होता है। दर्पण का अपना असर इतना ज्यादा होता है कि यह जहां भी इस्तेमाल किया जाता है वहां की ऊर्जा को दोगुना कर सकता है , इसलिए फ्रेम का रंग कभी भी गर्म , तीखा या भड़कीला नहीं होना चाहिए। सुर्ख लाल , गहरे नारंगी या गुलाबी रंग के फ्रेम के इस्तेमाल से बचा जाना चाहिए। इसकी बजाए अगर फ्रेम नीला , हरा , सफेद , क्रीम या ऑफ व्हाइट हो तो बहुत अच्छा रहता है। अगर फ्रेम कहीं से टूट-फूट जाए या उसकी लकड़ी गिर जाए तो उसे जल्द से जल्द ठीक करवाना चाहिए।

कहां पर नहीं लगाना चाहिए दर्पण:- 
वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार किसी भी दर्पण को सोने के कमरे में नहीं होना चाहिए। पति-पत्नी के सोने के कमरे में दर्पण से किसी तीसरे आदमी की मौजूदगी का अहसास होता है। रात के वक्त अंधेरे में अपना ही प्रतिबिंब हमें चौंका भी देता है। इसलिए अगर आईना या ड्रेसिंग-टेबल रखना भी हो , तो इस तरह से रखा जाना चाहिए कि सोने वाले का अक्स उसमें न दिखाई दे। और , क्योंकि टीवी की स्क्रीन भी शीशे का काम करती है इसलिए टीवी को भी बेड के सामने नहीं रखना चाहिए। अगर किसी वजह से ऐसा करना मुश्किल हो , तो सोने से पहले दर्पण को किसी कपड़े या पर्दे से ढक देना चाहिए।

दर्पण के अन्य वास्तु-प्रयोग:- 
वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार दर्पण के इस्तेमाल से और भी कई तरह के फायदे उठाए जा सकते हैं। अगर आपके घर या दफ्तर का मुंह दक्षिण-पश्चिम की ओर है , तो एक अष्टकोणीय दर्पण चौखट या दीवार पर बाहर की ओर लगा देने से उस दिशा से आने वाली नेगेटिव एनर्जी को रोका जा सकता है। अपना चेहरा देखने के लिए अगर गोल आईने का इस्तेमाल किया जाए , तो काफी फायदेमंद रहता है। अगर रसोईघर का दरवाजा , खाना बनाने वाली गृहिणी की पीठ की ओर पड़ता है तो सामने की दीवार पर शीशा लगाने से सहूलियत हो जाती है। व्यापारी या दुकानदार अपने कैश-बॉक्स की भीतरी दीवारों पर भी शीशों का इस्तेमाल करें , तो लक्ष्मी का आगमन होता है और बिजनेस में भी फायदा होता है।
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जानिए कहाँ लगाएं दर्पण (शीशा/आइना/कांच) आपके घर में---

घर पर आईना ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। कई लोगों को तो आर्इने की इतनी बुरी आदत होती है कि वह अपने हर कमरे में एक आईना लगवाते हैं। घर में आईना एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। शीशे या आर्इने का घर पर सही स्‍थान पर लगा होना अति आवश्‍यक है। वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार कई लोग इन तथ्‍यों को सच नहीं मानते हैं लेकिन वास्‍तव में इन बातों का प्रभाव जीवन में पड़ता है। शीशे के स्‍थान के बारे में वैज्ञानिक रूप से कई बातें प्रुफ हो चुकी हैं।

वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि आईना यदि सही दिशा और सही स्थिति में हो तो आपका फायदा और न हो तो आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। 
आइये जानें कि घर पर कहां लगाएं आईना?

1- दर्पण सदैव उत्तर अथवा पूर्व दिशा की दीवार पर लगाना शुभदायक होते है।
2- भवन में नुकीले व् तेजधार वाले दर्पण नहीं लगाने चाहियें. ये हानिकारक होते है ।
3- यदि आपके घर के दरवाजे तक सीधी सड़क आने के कारण द्वार वेध हो रहा है और दरवाजा हटाना संभव नहीं है तो दरवाजे पर पाक्वा मिरर लगा दें। यह बेहद शक्तिशाली वास्तु प्रतीक है। अत: इसे लगाने में सावधानी रखना चाहिए।
4- आवासीय भवन अथवा व्यावसायिक भवन में ईशान (उत्तर-पूर्व) क्षेत्र ,उत्तर या पूर्व दीवाr में दर्पण लगाना चाहिए इसके लगाने से आय में वृद्धि होने लगती है. और व्यवसायिक सम्बन्धी बाधाए दूर होती है ।
5- आवासीय भवन अथवा व्यावसायिक भवन में दक्षिण, पश्चिम, आग्नेय, वायव्य एवं नैऋत्य दिशा में दीवारों पर लगे हुए दर्पण अशुभ होते है. यदि आपके यहां इस प्रकार के दर्पण लगे हुए है, तो उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए ।
6 – शयन कक्ष में यदि दर्पण लगाना है तो उत्तर या पूर्व की दीवार पर ही दर्पण लगाना चाहिए ।
7- दर्पण के संबंध में एक सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बेड रूम में बिस्तर के ठीक सामने आइना लगाना अशुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे पति-पत्नी को कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां झेलनी पड़ती है।
8- बिस्तर के ठीक सामने आइना होने से पति-पत्नी के वैवाहिक सम्बन्धों में भारी तनाव पैदा होता है। इसके कारण पति-पत्नी के अच्छे भले सम्बन्धों के बीच किसी तीसरे व्यक्ति का प्रवेश भी हो सकता है।
9 – वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में लगे दर्पण जिस कोण या दिशा में लगे होते हैं उस कोण की ऊर्जा को परावर्तित करते है ,अब अगर दर्पण सकारात्मक क्षेत्र में लगे होंगे तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भवन में अधिक होगा
10 – दर्पण के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए उन्हें ढक कर रखना चाहिए अथवा इन्हें अलमारियों के अन्दर की ओर लगवाने चाहिए।
11 – पलंग पर सो रहे पति-पत्नी को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण तलाक तक का कारण बन सकता है। इसलिए रात्रि के समय दर्पण दृष्टि से ओझल होना चाहिए।शयन कक्ष में आईना इस प्रकार लगाएं ताकि उस आईने में आपका बैड नजर न आए।
12 – भवन में छोटी‍ और संकुचित जगह पर दर्पण रखना चमत्कारी प्रभाव पैदा करता है।
13 – मकान का कोई हिस्सा असामान्य शेप का या अंधकारयुक्त हो तो वहाँ कटे या बढ़े हुए हिस्से में दर्पण लगाकर ऊर्जा को संतुलित करें
14 – यदि घर के बाहर इलेक्ट्रिक पोल, ऊँची इमारतें, अवांछित पेड़ या नुकीले उभार हैं और आप उनका दबाव महसूस कर रहे हैं तो उनकी तरफ पाक्वा मिरर लगाकर निदान करें
15 – मकान के ईशान कोण में उत्तर या पूर्व की दीवार पर‍ स्थित वॉश बेसिन के ऊपर दर्पण लगाएँ यह शुभ फलदायक है।
16.- कमरें में दरवाजे के अंदर की ओर दर्पण नहीं लगाना चाहिए यदि दरवाजा ईशान दिशा की ओर हो तो दर्पण लगाया जा सकता है |
17.-- आफिस या घर में उत्तर-पूर्व दिशा में दर्पण लगाना चाहिए। ऐसा करने पर पैसे में बढ़ौतरी होती है। 
18.-- घर में छोटी और संकुचित जगह पर आईना लगाएं, इससे आपको चमत्‍कारी प्रभाव दिखेगा। 
19.-- शीशे के सामने कोई शुभ चीज रखी या झलकनी चाहिये, इससे आपके घर में खुशहाली निवास करेगी। 
20.-- दर्पण को खिड़की या दरवाजे की ओर देखता हुआ न लगाएँ। 
21.-- कमरे के दीवारों पर आमने सामने शीशा नहीं लगाना चाहिये, इससे सदस्‍यों के बीच में उलझन पैदा होती है। 
22.-- आईना घर की दीवारों पर न तो ज्यादा ऊपर और न ही ज्यादा नीचे लगाएं, वर्ना घर के लोगों को शारिरीक तकलीफ से गुजरना पड़ सकता है। 
23.-- आईना हमेशा साफ-सुथरा और बिल्‍कुल भी टूटा हुआ नहीं होना चाहिये। नहीं तो ऐसे आइने में देखने से निगेटिव एनर्जी पैदा होती है।
24.--घर में आईना उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। एेसा करने से आय में वृद्धि के साथ-साथ सभी संकट भी समाप्त हो जांएगे।-आप जहां रह रहे हों या जहां आपका ऑफिस हो वहां उत्तर-पूर्व दिशा में दर्पण लगाना चाहिए। आप देखेंगे कि इसके लगाते ही आय में वृद्धि तो शुरू होगी ही साथ ही कमाई के रास्ते आनेवाली बाधाएं भी दूर होंगी। 
25.-- अगर आप अपने भाग्य में बृहत्तरकरण लाना चाहते है तो आईने को इस तरह लगाएं कि उसमें किसी शुभ वस्तु की छाया नजर आ रही हो।
26.--आईना घर में सही स्थान पर ही लगाना चाहिए नहीं तो घर के सदस्यों को कई शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।
27 .----वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि आईने के ढक कर रखना चाहिए। बेहतर है कि आईने को अपनी अलमारियों के अंदर फिट कराएं या फिर ऐसा ड्रेसिंग टेबल हो जिसका आईना उसे खोलने के बाद नज़र आता हो। 
28 .---यदि घर का कोई हिस्सा ऐसा हो, जहां अक्सर अंधेरा ही छाया रहता है तो ऐसे जगह गोल आईना लगाकर रखें। यह निगेटिव एनर्जी को भगाने की क्षमता रखता है। 
29 .-- यदि घर के बेसमेंट या दक्ष‌िण पश्च‌िम (नैऋत्य कोण) दिशा में स्नानघर अौर शौचालय बना है तो वर्गाकार आईना पूर्वी दीवार पर लगाने से वास्तु दोष दूर होता है।
30 .---कहते हैं आईना जितना बड़ा और हल्का हो, उसे उतना ही बेहतरीन माना जाता है। घर में आईने की संख्या चाहे कितनी हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन यह जरूरी है कि आईने ने अलग-अलग टुकड़ों को एकसाथ जोड़कर एक जगह न रखें, क्योंकि इस तरह के आईने में आपका शरीर खंडित नजर आएगा औऱ यह शुभ नहीं माना जाता। 


विशेष सावधानी--
अपने भवन में नुकीले व् तेजधार वाले दर्पण नहीं लगाने चाहियें । ये हानिकारक होते है | 
दर्पण का टूटना अशुभ माना जाता है । 
ऐसी मान्यता है कि कोई मुसीबत इस दर्पण पर टल गयी है, टूटे दर्पण को तुरंत ही फेंक देना चाहिए । 
दर्पण को सोते समय हमेशा कपडे मे ढक कर सोना चाहिये ।
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जानिए की क्यों और कैसे पति-पत्नी के रिश्ते में आपके बेडरूम का शीशा/कांच या आइना लाता है दरार.??

वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार सुख-समृद्धि के लिए सही दिशा में , उपयुक्त आकार के दर्पण का होना बहुत जरूरी है। सुखी तथा मजबूत दाम्पत्य संबंधों के लिए घरों में आईनों को वास्तु अनुसार उपयुक्त दिशा व स्थान पर लगाना बहुत महत्वपूर्ण है।
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क्या कभी आपने अपने शयन कक्ष में आईने या किसी अन्य वस्तु के स्थान पर ध्यान दिया है? 
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क्या ऐसी चीजों को सही स्थान पर लगाने पर किसी दम्पत्ति के वैवाहिक जीवन या आपसी संबंधों पर सकारात्मक असर पड़ता है?
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क्या घर में विभिन्न चीजों की सही स्थापना से लाभान्वित करने वाले प्रभाव प्राप्त किए जा सकते हैं ?? 
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वास्तु शास्त्र के संबंध में आधुनिक दृष्टिकोण दो दशकों के दौरान किए गए शोध पर आधारित है। वास्तु शास्त्र के मुख्य सिद्धांतों में इस बात पर जोर दिया जाता है कि किसी भी निर्मित स्थल में ऊर्जाओं का सुमेल हो।
वास्तुविद पंडित दयानन्द शास्त्री समझाते हैं कि ऊर्जाओं का संतुलन प्राप्त करने के लिए पांच मुख्य तत्वों - जल, वायु, अग्रि, धरती तथा आकाश - को किसी घर की विभिन्न दिशाओं अथवा वास्तु क्षेत्रों में संतुलित करना होता है। 
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जानिए आपके बेड या पलंग के बगल में आईने के संबंध में भ्रम---

आम जनता में पलंग के बगल में ड्रैसिंग टेबल रखने तथा शयनकक्ष में आईनों को लगाने के उपयुक्त स्थान को लेकर कई तरह के भ्रम प्रचलित हैं। इन भ्रांतियों को किसी योग्य और अनुभवी वास्तुविद की सलाह से दूर किया जा सकता है जिसके तहत घर के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग चीजों की स्थापना के महत्व के बारे में बताया जाता है जिसका असर हमारे जीवन पर होता है।

वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री बताते हैं कि आपके शयन कक्ष या बैडरूम में किसी भी चीज जैसे कि आईने, ड्रैसिंग टेबल आदि को रखने का सही स्थान घर के विभिन्न हिस्सों के संतुलन के आकलन के बाद ही तय किया जा सकता है। किसी भी तरह के असंतुलन को वास्तु उपायों की मदद से दूर किया जा सकता है। इसमें कलर बैलेंसिंग तकनीक, स्पेस प्रोग्रामिंग, रैमेडी प्लेसमैंट तथा अन्य तत्वों का संतुलन बैठाना आदि तरीके शामिल हैं। 
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जानिए शयनकक्ष में मौजूद आईना और उसका प्रभाव---
वहां सोने वाले लोगों के अवचेतन मस्तिष्क को प्रभावित करता है। किसी कमरे में आईने का स्थान तथा ऊर्जा का संतुलन वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर सकारात्मक या नकारात्मक असर डाल सकता है। शयनकक्ष में भी ऐसा ही होता है।
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जानिए दिशाओं का महत्व---
आप में से कम ही लोग जानते हैं कि हमारे आसपास मौजूद रंग, सजावट, कलात्मक वस्तुएं तथा अन्य सभी चीजें यदि सही ढंग से व्यवस्थित हों जैसा कि ब्रह्मांड चाहता है तो हम पर भी इनका अच्छा असर होता है। वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार इस ब्रह्मांड में हर तत्व, वस्तु तथा रंग के लिए एक उपयुक्त स्थान तथा दिशा तय है। जब हमारे घर या दफ्तर में हर चीज सही स्थान पर होती है जिनका टकराव अन्य चीजों से नहीं होता है तो इनसे सकारात्मक व खुशनुमा ऊर्जा पैदा होती है जो जीवन में प्रसन्नता पैदा करती है। 
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जानिए शीशे या आईने पर आपके बेड/पलंग का प्रतिबिम्ब का प्रभाव---
पहले माना जाता था कि आईने या ड्रैसिंग टेबल में पलंग का प्रतिबिम्ब पडऩा बैडरूम में रहने वालों के स्वास्थ्य पर खराब प्रभाव डालता है। हालांकि, किसी भी आईने का असर इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस दिशा में लगाया गया है। साथ ही कमरे के संबंधित हिस्से में मौजूद विभिन्न तत्वों के प्रभाव का भी इसमें योगदान होता है।
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जानिए कौन-सी दिशाओं में शीशा/कांच या आईना लगाना होता हैं हानिकारक ।।
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दक्षिण-पूर्व दिशा :--- बैडरूम की दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाया आईना वहां सोने वाले लोगों की सेहत पर विपरीत असर करता है। यह दिशा अग्नि का क्षेत्र है और यहां आईना अर्थात जल तत्व रखने से असंतुलन पैदा होता है। इस स्थिति को दुरुस्त करने के लिए वास्तु उपाय एवं संतुलन विधियां अपनाई जा सकती हैं।
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दक्षिण-दक्षिण पश्चिम दिशा:-- इस दिशा में रखे ड्रैसिंग टेबल का भी नकारात्मक प्रभाव होता है क्योंकि यह निपटान का क्षेत्र है। इस बैडरूम को इस्तेमाल करने वालों को खूब बर्बादी तथा बांझपन का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसा हो तो आईने या ड्रैसिंग टेबल की दिशा बदलने का सुझाव दिया जाता है। वहां पर रंगों से संतुलन पैदा करके सौहार्द पैदा करने के लिए पौधे आदि का प्रयोग किया जा सकता है।
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दक्षिण-पश्चिम दिशा: वास्तुविद पंडित दयानन्द शास्त्री के मुताबिक यहां ड्रैसिंग टेबल रखने से बैडरूम में रहने वालों के आपसी रिश्तों में कड़वाहट पैदा होती है। दम्पत्ति एक-दूसरे से ज्यादा अपेक्षाएं रखने लगते हैं और उनमें अक्सर झगड़े तथा अनबन रहने लगती है। इस वजह से बैडरूम में दक्षिण-पश्चिम दिशा भी आईनों के लिए उपयुक्त नहीं है।
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क्यों जरूरी है संतुलन बनाए रखना---
इन प्रभावों को देखते हुए घर के अलग-अलग हिस्सों में ऊर्जा के संतुलन की जरूरत के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझना आवश्यक है। वास्तुविद पंडित दयानन्द शास्त्री बताते हैं कि घर के प्रत्येक कमरे के विभिन्न हिस्सों में संतुलन व सौहार्द पैदा करना बेहद जरूरी है। हर वस्तु को सही हिस्से में रखना तथा उपयुक्त व्यवस्था स्थापित करने की जरूरत है ताकि आपके घर में ज्यादा से ज्यादा खुशियां तथा सम्पन्नता बनी रहे।
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जानिए आईने (शीशा/दर्पण/कांच) के वास्तु उपाय जिससे दूर होती है आर्थिक समस्या---

आईना, जिसके बगैर आपकी खूबसूरती अधूरी है समझिए। वह आईना ही है, जो आपकी खूबसूरती को आपके कॉन्फिडेंस के साथ जोड़े रखता है। लेकिन, वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि आईना यदि सही दिशा और सही स्थिति में हो तो आपका फायदा और न हो तो आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। आईना हमारे जिंदगी में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। क्या आपको पता है की ये आईना हमारे घर के आर्थिक समस्या को दूर कर सकता है और हमेशा हमारे घर में सुख-शांति को बनाये रख सकता है। इसलिए आज हम इसी आईने से सम्बंधित कुछ वास्तु उपायों के बारे में जानेंगे।


वास्तु उपायों में हम आईनेकी जगहों पे रखे इसके बारे में जानेंगे। जैसे अगर हमारे घर के किसी कोने में आईना रखा है तो ये वास्तु शास्त्र के अनुकूल नहीं माना जाता है।

 १) मेनगेट के पास:
वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि घर या दुकान के मेनगेट पे पास दर्पण को रखा जाये तो इससे किसी भी प्रकार की नकारात्मकता घर में पवेश नहीं करती और इसके साथ ही घर या दुकान दोनों को बुरी नजर से बचाती है।

२) बेडरूम में:
यदि शयन काश में दर्पण लगा हो तो ध्यान रहे की जब सोने जा रहे हो तो उस समय उस दर्पण में हमारे शरीर का कोई भी अंग नहीं दिखना चाहिए। अगर ऐसा हो रहा है तो उस दर्पण को लगाने का स्थान बदल दे नहीं तो ये बीमारी आने के सम्भावना को दर्शाते हैं।

३) बाथरूम में:
कितने लोगों के बाथरूम में कांच लगे हुए होते हैं। लेकिन ऐसे लोग ध्यान रखे कभी भी कांच बाथरूम के गेट के सामने न हो। क्योंकि दरवाजे के ठीक सामने कांच होना अशुभ माना जाता है।

४) सीढ़ियों के सामने या नीचे:
आज कल लोग आपने घरों में सीढ़ियों के आस-पास आईना लगते हैं, लेकिन ध्यान रहें ये आईना कभी भी सीढ़ियों के नीचे या सामने नहीं होना चाहिए। ऐसा होने से उस घर के सदस्य की तरक्की में हमेशा रुकावट रहती है।

५) घर में रखें चौकोर कांच:
घर के लिए सबसे उत्तम चौकोर आकर के आईने सबसे उत्तम मने गए है। ध्यान रहें कभी भी घर के अंदर गोल या अण्डाकार कांच को कभी भी नहीं लगाएं।

६) घर के तिजोरी के सामने:
अगर घर या दुकान के तिजोरी के सामने हो सके तो कांच को जरूर लगाएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार कहा गया है की तिजोरी के सामने यदि कांच हो तो पैसों की कमी कभी नहीं होती और हमेशा आय और संपत्ति में वृद्धि होती रहती है।

७) बच्चों के कमरे में:
यदि किसी के घर बच्चे हैं और वो पढाई कर रहे है तो उनके कमरे में उनके सामने वाली दीवार पर आईना जरूर लगाएं। इससे बच्चों के लिए वास्तु शास्त्र के अनुसार सबसे उत्तम माना गया है।

८) विवाह योग्य लड़के-लड़कियों के कमरे में:
यदि आपके घर में विवाह योग्य लड़के या लड़कियां है तो उनके कमरे में दरवाजे के सामने कभी भी आईना नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा है तो इससे विवाह संबंधी योग्य नहीं बनते। इसमें हमेशा बाधएँ आती है।

९) टी.वी./कम्प्यूटर के सामने:
टी.वी./कम्प्यूटर के सामने कभी भी आईना न रखें ऐसा करना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर के लोगों के बीच हमेशा लड़ाई-झगड़े होने की संभावनाएं बनी रहती है।

१०) स्टोर रूम में:
घर का सबसे आखरी स्थान भंडार कक्ष जहाँ काँच लगाना शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार ऐसा करने से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं रहती है, आपस में सभी घर के लोगों के बीच प्रेम बना रहता है।

---उसके अलावा आप जहां रह रहे हों या जहां आपका ऑफिस हो वहां उत्तर-पूर्व दिशा में दर्पण लगाना चाहिए। आप देखेंगे कि इसके लगाते ही आय में वृद्धि तो शुरू होगी ही साथ ही कमाई के रास्ते आनेवाली बाधाएं भी दूर होंगी।
----आईना जितना बड़ा और हल्का हो, उसे उतना ही बेहतरीन माना जाता है। घर में आईने की संख्या चाहे कितनी हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन यह जरूरी है कि आईने ने अलग-अलग टुकड़ों को एकसाथ जोड़कर एक जगह न रखें, क्योंकि इस तरह के आईने में आपका शरीर खंडित नजर आएगा औऱ यह शुभ नहीं माना जाता।







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हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..???(HOW CAN TYPE IN HINDI ..??) -----हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत ...???? मित्रों, गुड मोर्निंग,सुप्रभात, नमस्कार.... मित्रों, आप सभी लोग भी हमारी तरह हिंदी में लिखना / टाईप करना चाहते होंगे की मेरी तरह सभी लोग इंटरनेट पर इतनी बढ़िया/ जल्दी हिंदी में केसे टाईप कर/ लिख लेते हें..??? यह कोई खास / विशेष कार्य नहीं हें .. यदि आप लोग भी थोडा सा श्रम / प्रयास/ म्हणत करेंगे तो आप भी एक हिंदी लेखक बन सकते हें.. बस आपको इतना करना हें की मेरे द्वारा दिए गए निम्न लिंक पर जाकर किसी भी शब्द को अंग्रेजी / इंग्लिश में टाईप करना हें, वह शब्द अपने आप हिंदी / देव नगरी या फिर मंगल फॉण्ट या यूनिकोड में परिवर्तित /बदल जायेगा... तो आप सभी लोग हिंदी लिखने के लिए तैयार हें ना..!!! आप में से जिन मित्रों को हिंदी लिखने में परेशानी/ दिक्कत आ रही वे सभी लोग निम्न लिंक का यूज / प्रयोग करें----( ब्लॉग लिखने वाले या फिर आपने वाल पर पोस्ट लिखने वाले)- कुछ लिंक------ -----http://www.easyhindityping.com , -----http://imtranslator.net/translation/english/to-hindi/translation , -----http://utilities.webdunia.com/hindi/transliteration.html , -----http://transliteration.techinfomatics.com, -----http://hindi-typing.software.informer.com, -----http://www.quillpad.in/editor.html, -----http://drupal.org/project/transliteration -----http://www.google.com/inputtools/cloud/try , -----http://www.google.com/transliterate/.... -----http://www.hindiblig.ourtoolbar.com/...... -----http://meri-mahfil.blogspot.com/...... --.--http://rajbhasha.net/drupal514/UniKrutidev+Converter ------मित्रों, मेने आप सभी की सुविधा के लिए कुछ उपयोगी हिंदी टाईपिंग लिंक देने का प्रयास किया हें,जिनका में भी अक्सर उपयोग करता हूँ...मुझे आशा और विश्वास हें की आप भी इनका उचित उपयोग कर( हिंदी में टाईप कर) अपना नाम रोशन करें....कोई दिक्कत / परेशानी हो तो मुझसे संपर्क करें... अग्रिम शुभ कामनाओं के साथ .. आपका का अपना.... पंडित दयानंद शास्त्री मोब.--09024390067

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