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कब , क्यों और केसे यहाँ तक तक पहुंचे ये निर्मल बाबा..???WHO IS NIRMAL BABA..??? HOW HE GET THIS POSSITION..???

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आइये जाने और समझे निर्मल बाबा को...
कब , क्यों और केसे यहाँ तक तक पहुंचे ये निर्मल बाबा..??? WHO IS NIRMAL BABA..??? HOW HE GET THIS POSSITION..???
हमारे पवित्र ग्रन्थ गीता में खुद भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को ज्ञान देते हुए कहा था कि "कर्म किए जा, फल की इच्छा मत कर"। फिर गीता ही क्यूँ, संसार के समस्त धर्मों के पवित्र ग्रंथों का सार यही है कि हम यथाशक्ति अपनी सामर्थानुसार कर्म करें, बाकी उसके अच्छे या बुरे परिमाण की चिंता न करें। किसके जीवन में सुख-दुःख नहीं आते? फिर जब हम अपने सुखों की प्राप्ति का जश्न बाबाओं के साथ नहीं मनाते तो दुखों के दूर होने का कारण उनसे क्यूँ पूछते हैं? फिर सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि दुःख हमारे जीवन में आते हैं तो क्या इन तथाकथित बाबाओं को इनसे मुक्ति मिल पाती होगी? कदापि नहीं। ये भी हमारी तरह पांच तत्वों के जीव हैं किन्तु इन्हें पूजकर हम इन्हें भगवान का दर्ज़ा देते हैं। एक आम मनुष्य भगवान कभी नहीं बन सकता है। इन तथाकथित बाबाओं को लेकर पूर्व के अनुभव तो यही कहते हैं कि हमारी अंध श्रद्धा का फायदा उठाकर इनका कद इतना बड़ा हो जाता है जिसकी आड़ में ये गलत क…