संदेश

July 7, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

माँ बगलामुखी के प्राचीन सिद्ध पीठ/धाम(मंदिर),नलखेडा,जिला-शाजापुर(मध्यप्रदेश) और आचार्य पंडित केलाश शास्त्री--

चित्र
माँ बगलामुखी के प्राचीन सिद्ध पीठ/धाम(मंदिर),नलखेडा,जिला-शाजापुर(मध्यप्रदेश) और आचार्य पंडित केलाश शास्त्री----- तांत्रिकों की देवी बगलामुखी-----
---यदि आप किसी भी परेशानी,अड़चन या विवाद अथवा किसी भी अन्य कारण से परेशान हें तो इस गुप्त नवरात्री के सुअवसर पर अनुष्ठान करवाकर चिंता मुक्त हो जाएँ.. ---विशेष पूजा अनुष्ठान --शत्रु बाधा निवारण हेतु तह चुनाव में विजय प्राप्ति हेतु( टिकिट मिलाने से लेकर,नामांकन और विजय तक का पूर्ण पूजा -अनुष्ठान) किये जाते हें.. ---यह अनुष्ठान माँ बगलामुखी के प्राचीन सिद्ध पीठ/धाम(मंदिर) पर संपन्न किये जायेंगे.. ---स्थान---नलखेडा,जिला-शाजापुर(मध्यप्रदेश)..इस स्थान पर महाभारत काल में पांडवों ने भी साधनाएँ की थी...
''ह्मीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलम बुद्धिं विनाशय ह्मीं ॐ स्वाहा।''

प्राचीन तंत्र ग्रंथों में दस महाविद्याओं का उल्लेख मिलता है। उनमें से एक है बगलामुखी। माँ भगवती बगलामुखी का महत्व समस्त देवियों में सबसे विशिष्ट है। विश्व में इनके सिर्फ तीन ही महत्वपूर्ण प्राचीन मंदिर हैं, जिन्हें सिद्धपीठ कहा जाता है। उनमें स…

जानिए की यंत्र क्या हें..?? यंत्र का प्रभाव क्या होता हें..??दोष या बाधा निवारण में यंत्रों का उपयोग कब और केसे करें..??

जानिए की यंत्र क्या हें..?? यंत्र का प्रभाव क्या होता हें..??दोष या बाधा निवारण में यंत्रों का उपयोग कब और केसे करें..?? सामान्य तय यंत्रों को यद्यपि मंत्रों से अलग माना जाता है लेकिन वास्तविकता यह है कि यंत्र यदि शिवरूप हैं तो मंत्र उनकी अंतर्निहित शक्ति है जो डन्हें संचालित करती है और जीवन के सभी साध्यों की प्राप्ति का साधन बनती है। इस लेख में यंत्र में अंकित विभिन्न रूपाकारों की दार्शनिकता एवं रहस्यों के वैज्ञानिक आधार का निरूपण और रहस्योद्घाटन किया गया है। यंत्र एक प्रकार से सुरक्षा कवच है और यह सही नक्षत्र और तिथि में कागज पर, भोजपत्र पर या तांबे पर बनाया जाता है जो ग्रह मारक या बाधक हो उस ग्रह की पूजा यंत्र द्वारा करें। युद्ध दशा-अंतर्दशा प्रत्यंतर्दशा में यंत्र लाभदायक होते हैं। यंत्र को मंत्र का रूप माना जाता है। यंत्र-रचना मात्र रेखांकन नहीं है बल्कि उसमें वैज्ञानिक तथ्य भी है। कुछ यंत्र रेखा प्रधान होते हैं, कुछ आकृति प्रधान और कुछ संख्या प्रधान होते है। कुछ यंत्रों में बीजाक्षरों का प्रयोग होता है। बीजाक्षर एक संपूर्ण यंत्र होता है। हर ग्रह का यंत्र अलग होता है। यह यंत्र केवल…

जानिए की रत्न क्या हैं??? जानिए रत्न का प्रभाव एवं रत्न को केसे जागृत करें ?

जानिए की रत्न क्या हैं??? जानिए रत्न का प्रभाव एवं रत्न को केसे जागृत करें ?
आचार्य पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री, मोब.--09669290067--M.P.  एवं 09024390067--RAJ. रत्नों को धारण करने के पीछे मात्र उनकी चमक प्रमुख कारण नहीं है बल्कि अपने लक्ष्य के अनुसार उनका लाभ प्राप्त करना अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि ये रत्न जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते किस प्रकार हैं। हम अपने आस-पास व्यक्तियों को भिन्न-भिन्न रत्न पहने हुए देखते हैं। ये रत्न वास्तव में कार्य कैसे करते हैं और हमारी जन्मकुंडली में बैठे ग्रहों पर क्या प्रभाव डालते हैं और किस व्यक्ति को कौन से विशेष रत्न धारण करने चाहिये, ये सब बातें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। रत्नों का प्रभाव: रत्नों में एक प्रकार की दिव्य शक्ति होती है। वास्तव में रत्नों का जो हम पर प्रभाव पड़ता है वह ग्रहों के रंग व उनके प्रकाश की किरणों के कंपन के द्वारा पड़ता है। हमारे प्राचीन ऋषियों ने अपने प्रयोगों, अनुभव व दिव्यदृष्टि से ग्रहों के रंग को जान लिया था और उसी के अनुरूप उन्होंने ग्रहों के रत्न निर्धारित किये। जब हम कोई …