अकाल मोत और जून महीना--सन्दर्भ श्री गोपीनाथ मुण्डे की असमय अकाल मृत्यु

अकाल मोत और जून महीना...
क्या यह एक संयोग मात्र हैं..???
( सन्दर्भ श्री गोपीनाथ मुण्डे की असमय अकाल मृत्यु )

=====केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गोपीनाथ मुंडे की कल (मंगलवार) सुबह (03  मई 2014) दिल्ली में हुए एक सड़क हादसे के बाद हार्ट अटैक आने से  ६.३० बजे  के करीब मौत हो गई। मुंडे को हादसे के बाद एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां सुबह इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद एम्स पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मीडिया को मुंडे के निधन की खबर दी।
        बताया जा रहा है की गोपीनाथ मुण्डे सुबह अपनी कार से अपने लोक सभा क्षेत्र बीड में विजय सभा को सम्बोधित करने जाने के लिए एयरपोर्ट की तरफ जा रहे थे की पृथ्वीराज रोड पर अरविंदो चौक के पास सामने से आ रही इण्डिका कार ने टक्कर मार दी उसके तुरंत बाद उनके साथ कार में बैठे ड्राइवर और सहायक ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। एक डॉक्टर के मुताबित अस्पताल पहुँचने पर उनकी सांसे रुकी हुयी थी और हार्ट भी काम नहीं कर रहा था। गौरतलब है की मुण्डे को डाइबिटीज और उच्च रक्तचाप की समस्या पहले से ही थी।  

===पूर्व साँसद एवं मंत्री प्रमोद महाजन की डेथ के एक महीने बाद ही 3 जून 2006 को उनके सचिव विवेक मोइत्रा की डेथ हुई थी। क्या मुंडे और महाजन के परिवार के लिए नंबर 3 अनलकी है? प्रमोद महाजन की डेथ 3 मई 2006 को हुई, प्रवीण महाजन की डेथ 3 मार्च 2010 को हुई और अब श्री गोपीनाथ मुंडे की डेथ 3 जून 2014 को हुई। 
श्री मुंडे बीजेपी के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन के रिश्‍तेदार थे. गौरतलब है कि प्रमोद महाजन की भी अकाल मौत हुई थी.
गोपीनाथ मुण्डे जी की मौत हो चुकी है मगर यह हादसा पेश कैसे आया सवाल तो मन में उठेंगे ही ,उनकी गाडी में ठोकर जो लगी है वह ठीक उनकी साइड(लेफ्ट ) में साथ ही मंत्री जी की सुरक्षा में कौन था ? सुबह ६ बजे इतनी ट्रैफिक भी नही होती , सवाल तो बनेगा ही कि ये वास्तव में सड़क दुर्घटना ही है या किसी की राजनितिक महत्वाकांक्षा की तृप्ति के लिए कोई अंजाम दिया गया कोई षड्यंत्र ...????
महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रदेश के मुख्यमंत्री पद को ले कर दो गुटों में विभाजित है जिसमें एक ग्रुप""गोपीनाथ मुंडे जी""को मुख्यमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट कर रहा था ....!!!!
दूसरी तरफ शिवसेना भी उद्भव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए ताल ठोंक रही है .



एक परिचय:----श्री गोपीनाथ मुंडे (१९४९-२०१४) -----
एक भारतीय राजनेता है और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री थे। १९९५ में हुये विधानसभा के चुनावों में उन्होंने सफलता पाई और महाराष्ट्र राज्य के उपमुख्यमंत्री बने। उन्होंने अपनी पहचान ज़मीन से जुड़े एक कार्यकर्ता के तौर पर बनाई और वे एक राजनेता के साथ-साथ एक कृषक भी थे । मई-२०१४ में वह नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे, लेकिन उस के कुछ दिनों बाद ही दिल्ली में एक कार दुर्घटना में उनका देहान्त हुआ |
गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र राज्य में भारतीय जनता पार्टी का चेहरा हैं। लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी के सबसे चमकदार चेहरे है। मुंडे को महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी की ओर से एकमात्र भीड़ जुटाने वाले नेता के तौर पर जाना जाता है। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी को खड़ा करने वालों में उनका नाम लिया जाता है। गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र के कद्दावर ओबीसी नेता हैं। गोपीनाथ मुंडे पिछड़े वर्गों में अच्छा प्रभाव रखने वाले महत्पूर्ण ओबीसी नेता हैं। महाराष्ट्र प्रदेश में उन्हें भारतीय जनता पार्टी का अकेला जननेता माना जाता है। वे महाराष्ट्र भारती जनता पार्टी में अपना अलग महत्व है। महाराष्ट्र में एकमात्र जमीनी नेता मुंडे को नाराज करने से वहां भारतीय जनता पार्टी को भारी क्षति पहुंचेगी। महाराष्ट्र में उनके वर्चस्व के सामने कोई चुनौती खड़ी नहीं होगी। मायनस मुंडे महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी की स्थिति बिना नमक समुद्र जैसी होने की आशंका है। 
        वे ४० साल से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े है। ३७ साल से चुनकर आ रहे है। गोपीनाथ मुंडे के शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से, शिवसेना से गठबंधन के संबंध २२ साल पुराने है।
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ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी अनेक राजनेता अकाल मौत का शिकार हुए हैं, जो इस प्रकार है-

===3 सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी का बेल 430 विमान उस वक्त दुर्घटना ग्रस्त हो गया जब जब वो चित्तौर जिले से उड़ान भर रहा था। इस विमान में वाईएसआर के साथ उन के दो सहयोगी और दो पायलट सवार थे जो नक्सल प्रभावित नल्लामल्ला के जंगलों में कहीं गायब हो गए थे। इस विमान के गायब होने के 27 घंटे बाद ही वाईएसआर का शव प्राप्त किया जा सका था।

====माधव राव सिंधिया कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री थे। 30 सिंतबर 2001 को उनका सेसाना एअरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। यह घटना उस वक्त हुई जब वो उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक रैली करने के लिए जा रहे थे। इस हादसे में सिंधिया के साथ सफर कर रहे छह अन्य लोगों की भी मौत हो गई। यह घटना मैनपुरी जिले के पास हुई थी जो कि कानपुर से सिर्फ 172 किमी की दूरी पर है। सिंधिया अपने 10 सीटों वाले C-90 में सफर कर रहे थे। पायलट का दिल्ली के एटीसी से संपर्क टूट गया था और वो लखनऊ के एटीसी से संपर्क में भी नहीं था। इस दुर्घटना की वजह भी खराब मौसम को बताया गया।

===30 अप्रैल 2011 को अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दोराजी खांडू की अकस्मात मौत हो गई थी। खांडू समेत चार अन्य लोगों को तवांग से ईटानगर ले जा रहा विमान घने जंगलों में फंसकर क्रैश हो गया था। खांडू के विमान का संपर्क उडान के 20 मिनट बाद ही टूट गया था। खांडू का विमान 13,000 फिट की ऊंचाई पर एक दर्रे के पास पाया गया था। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह खराब मौसम बताया गया।

====कांग्रेस नेता राजेश पायलट की भी एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। यह घटना 11 जून 2000 को पायलट के ही संसदीय क्षेत्र दौसा के भड़ाना में हुई थी। वो मात्र 57 साल के थे। सूत्रों के मुताबित सिंधिया दुर्घटना के वक्त ड्राइविंग सीट पर थे और उनकी कार राजस्थान सड़क परिवहन की बस से टकरा गई थी। वो दुर्घटना के 45 मिनट बाद तक मौत से जूझते रहे, लेकिन उन्हें जब अस्पताल पहुंचाया गया तब उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

===स्वर्गीय संजय गांधी की मौत भी अकस्मात ही हुई थी। संजय देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र थे। संजय का ग्लाइडर विमान 23 जून 1980 को  सफदरगंज एअरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हो गया था।

===दिल्ली से जुड़े एक भारतीय जनता पार्टी के नेता की भी इसी प्रकार सड़क हादसे में मोत हो चुकी हैं..
==क्या ये सारी अकाल मोते महज एक संयोग मात्र हैं या फिर इनके पीछे  राजनैतिक षड़यंत्र हैं या कोई अन्य कारण ????

===अकाल मौत के बारे में पंडित "विशाल" दयानंद शास्त्री, (मोब.--09669290067  एवं 09024390067 ) कहते हैं कि  महाम़त्‍युंजय जप कराने से अकाल मौत का भय कभी नही रहता तथा घर में सुख व शांति, सम़द्वि का वास हो जाता है, परन्‍तु कई राजनेता पूजा पाठ को ढकोसला मानते हैं, उन्‍हें हमेशा विशेष सुरक्षा कवच पहनकर चलना चाहिए जो विशेष पूजा अनुष्‍ठान करके विशेष पूजा से बनाया जाता है,

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