जानिए शकुन-अपशकुन द्वारा धन लाभ होगा की नहीं..??

जानिए शकुन-अपशकुन द्वारा धन लाभ होगा की नहीं..??

हिंदू धर्म में शकुन-अपशकुन की मान्यता बहुत पुरानी है। कई प्रकार के शकुन-अपशकुन प्रचलित हैं। पशु-पक्षियों को भी शकुन-अपशकुन की मान्यताओं से जोड़ा गया है।छींक आना एक सामान्य शारीरीक प्रक्रिया है लेकिन पुरातन समय से ही छींक को शकुन-अपशकुन से जोड़कर देखा जाता है। छींक आना कहीं शुभ माना जाता है कहीं अशुभ। छींक से जुड़ीं कुछ मान्यताएं तथा विश्वास हैं हमारे समाज में प्रचलित हैं जो प्राचीन समय से चले आ रहे हैं।घरों में आमतौर पर पाई जाने वाली छिपकली भी जीवन में होने वाली कई घटनाओं के बारे में संकेत करती है। 

अपने किसी भी अच्छे कार्य (लड़का-लड़की के संबंध, भूमि खरीदने) के लिए निकलते समय शुभ-अशुभ संकेत होते हैं अथवा घटना घटती है। इससे जिस कार्य के लिए जा रहे हों, उसकी सफलता-असफलता का अनुमान लगाया जाता है। इस पर विचार शिक्षित-अशिक्षित दोनों करते हैं।

ज्योतिष तथा वास्तु शास्त्र में शकुन-अपशकुन का महत्व सभ्यता के प्रारंभ से ही किसी ना किसी अवधारणा के रूप में विद्यमान रहा है। यात्रा पर जाते समय बिल्ली द्वारा रास्ता काट दे तो ऐसी मान्यता है कि काम बिगड़ जाता है, अतः कुछ समय के लिए लोग अपना जाना स्थगित कर देते हैं। धारणा के अनुसार बिल्लियों का दिखाई देना यां इसकी आवाज को भी अपशकुन माना जाता है।

अलक्ष्मी दरिद्रता की अधिष्ठात्री देवी हैं। अलक्ष्मी विष्णु-पत्नी लक्ष्मी की बड़ी बहिन है जो 'अधर्म' की पत्नी हैं। अलक्ष्मी अर्थात दरिद्रता का निवास निम्न जगह होता है; गृहक्लेश, झूठ बोलने वाले व्यक्ति, संध्या के समय सोने वाले व्यक्ति, देव का पूजन न होता हो, अतिथियों का सत्कार न होता हो, पितरों का श्राद्ध न किया जाता हो, जुआ खेला जाता हो, स्त्री-पुरुष चरित्रहीन हों और सैदेव पाप कर्म किए जाते हो। शास्त्रों ने अलक्ष्मी को राहू का प्रतीक माना है। तथा राहू परम अशुभता का प्रतीक है। अलक्ष्मी सैदेव बिल्ली की सवारी करती हैं। ऐसा देखा जाता है की जहां मास और मदिरा का भक्षण किया जाता है यां जहां सनातन संस्कृति के विपरीत आचरण होता है वहां बिल्लियां बहुतायत पाई जाती हैं। कुछ धर्मो में बिल्ली को जिन्नातों के साथ भी जोड़ा जाता है। ऐसा माना माना जाता है जहां बिल्ली निवास करती है वहां जिन्न और प्रेत निवास करते हैं। 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बिल्ली राहू का प्रतीक है। यह सैदेव कबूतरों, चूहों और पक्षियों का शिकार करती है। चूहे तथा पक्षी केतु ग्रह का प्रतीक माने जाते हैं। जिस घर में चूहे यां पक्षियों का शिकार बिल्ली द्वारा किया जाता है वहां राहू का प्रबल और केतु का निर्बल हो जाता है। केतु के निर्बल होने से निम्न समस्याएं उत्तपन्न होती हैं। संतान को कष्ट होना, अधिक व्यय होना, संतानहीनता, अकस्मात दवाइयों पर खर्चा होना, जीवनसाथी से सुख ना मिलना, भाग्यहीनता इत्यादि। राहू के प्रबल होने से निम्न समस्याएं उत्तपन्न होती हैं। चरित्रहीनता आना, पापकर्म बढ़ना, मास मदिरा का चलन, अकस्मात धन हानी, कोर्टकेस, तंत्रमंत्र की चपेट में व्यक्ति का फंसना। लाल किताब और रावण सहिंता जैसे शास्त्रों में चितकबरे कुत्तों को केतु का प्रतीक माना जाता है। अतः यही कारण है की राहू के प्रतीक बिल्ली से केतु के प्रतीक कुत्ते की जन्मजात शत्रुता है।
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सामान्य शुभ शकुन :----

बन्दर, घोडा, भालू, हाथी आदि का नजर आना व उनकी आवाजों का सुनाई देना | पके हुए चावल (भात), दूध, दलिया, मादक पेय, विषम संख्या के पशु, प्रसिद्ध व्यक्ति, ब्राहमण, अमूल्य रत्न, मधु, घी, इत्र, हल्की वायु, आँखों को प्रीतिकर लगने वाली सभी वस्तुएं | भोजन से पहले, वस्त्र पहनने से पहले, सोने से पहले, शिक्षा ग्रहण करने से पहले, फसलों की बुवाई करने से पहले छींक आना शुभ है |
बांसुरी, शंख, गायों की आवाजें, प्रश्न करता बिना किसी गतिविधि के शांत हो और उसके मुख पर प्रशन्नता का भाव हो, मधुर व सुखद आवाजें सुनाई दे रही हों, प्रश्न करता द्वारा स्वच्छ व सुन्दर हलके रंग का वस्त्र पहना हो, बांयी ओर बिल्ली का दिखायी देना अपने मुहँ में गाय कुछ खाध्य सामग्री लिए हुए जुगाली कर रही हो, सूअर यदि पूरी तरह से कीचड से सना हुआ दिखे, प्रश्नकर्ता शुभ वस्तुओं जैसे की दर्पण, स्वर्ण, भ्रिन्गपत्र, पुष्पों, आदि का स्पर्श तो शुभ होता है |

सामान्य अशुभ अपशकुन :----

सर्प, उल्लू, छिपकली, गधा, बिल्ली का नजर आना व उनकी आवाजें सुनाई देना या किसी अन्य कर्कश आवाजों का सुनाई देना, गोबर, मलमूत्र, नमक, मिर्च, राख (भस्म), कोयला, काला चना, हिंजड़े, सरसों, झंझावत, प्रकाश या तेल होते हुए भी बत्ती या दीपक का बुझ जाना, कोई बर्तन गिरना या टूटना, दरवाजे की अचानक आवाज करना, आँखों को अप्रीतिकर लगने वाली सभी वस्तुएं | किसी कार्य के प्रारम्भ से पूर्व ही छींक आना, कौओं, गधों भैंसों की आवाजें सुनाई देना प्रश्नकर्ता की बेचैनी व उटपटांग हरकतें करना, हाथ पैरों का हिलाना, प्रश्न करता ने गन्दा-मैला-फटा-लाल या छपाईदार वस्त्र पहना हो, बिल्ली का पैरों का सूंघना, बिल्ली का किसी सोये हुए व्यक्ति के ऊपर से उछल कर जाना, कुत्ते का मुह में हड्डी पकडे हुए दिखाई देना, प्रश्नकर्ता अशुभ वस्तुओं जैसे- की राख चाक, चाक़ू, तलवार, रस्सी, आदि का स्पर्श करे दो अशुभ होता है |
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विभिन्न संकेतों को माध्यम से शकुन-अपशकुन के बारे में जाना जा सकता है। ये संकेत भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में हमें पहले से ही सूचित कर देते हैं। इन संकेतों का माध्यम सपने भी हो सकते हैं या कुछ और भी। 

कुछ संकेत ऐसे भी होते हैं, जो हमें धन लाभ होने के बारे में पहले से ही बता देते हैं। आवश्यकता है बस उन संकेतों को समझने की। दीपावली के अवसर पर आज हम आपको कुछ ऐसे ही संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो लक्ष्मी (धन) आगमन के बारे में हमें पहले से ही सूचित कर देते हैं। 

लक्ष्मी (धन) आगमन के संकेत इस प्रकार हैं----

1- दीपावली के दिन यदि कोई किन्नर संज-संवर कर दिखाई दे तो ये धन लाभ का संकेत हो सकता है। 

2- अगर आपके शरीर के दाहिने भाग में या सीधे हाथ में लगातार खुजली हो तो समझ लेना चाहिए कि आपको धन लाभ हो सकता है। बैंक में पैसे जमा करने जाते समय अगर रास्ते में गाय आ जाए तो आपके धन संबंधित सभी काम पूरे हो सकते हैं। 

3- गुरुवार के दिन कुंवारी कन्या पीले वस्त्रों में दिख जाए तो इसे भी शुभ संकेत मानना चाहिए। ये भी धन लाभ होने का संकेत है।

4- कहीं जाते समय यदि रास्ते में कोई सुंदर स्त्री या कन्या दिख जाए तो इसे भी धन प्राप्ति का संकेत मानना चाहिए। लेन-देन के समय यदि पैसा आपके हाथ से छूट जाए तो समझना चाहिए कि धन लाभ हो सकता है।

5- यदि कोई यह स्वप्न देखे कि उस पर कानूनी मुकदमा चलाया जा रहा है जिसमें वह निर्दोष छूट गया है तो उसे अतुल धन संपदा की प्राप्ति होने के योग बनते हैं। यदि कोई सपने में अपने सीने को खुजलाता है तो उसे विरासत में संपत्ति मिल सकती है, यदि आंख खुजलाता है तो धन लाभ हो सकता है।

6- जो व्यक्ति स्वप्न में मोती, मूंगा, हार, मुकुट आदि देखता है उसके घर में लक्ष्मी स्थाई रूप से निवास करती हैं। जिसे स्वप्न में कुम्हार घड़ा बनाता हुआ दिखाई देता है उसे बहुत धन लाभ हो सकता है। जो व्यक्ति स्वयं को केश विहीन देखता है, उसे अतुल्य धन की प्राप्ति होने के योग बनते हैं।

7- अगर आप धन संबंधित काम के लिए कहीं जाने के लिए कपड़े पहन रह हैं और उसी समय आपकी जेब से पैसे गिरें तो यह आपके लिए धन प्राप्ति का संकेत है।

8- सोकर उठते ही सुबह-सुबह कोई भिखारी मांगने आ जाए तो समझना चाहिए कि आपके द्वारा दिया गया पैसा (उधार) बिना मांगे ही मिलने वाला है। इसलिए भिखारी को अपने द्वार से कभी खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए।

9- यदि कोई सपने में स्वयं को कच्छा पहनकर कपड़े में बटन लगाता देखता है, तो उसे धन के साथ मान-सम्मान भी मिलता है। यदि कोई सपने में किसी को चेक लिखकर देता है तो उसे विरासत में धन मिलता है तथा उसके व्यवसाय में भी वृद्धि होती है।

10- कहीं जाते समय नेवले द्वारा रास्ता काटना या नेवले का दिखना शुभ संकेत होता है। नेवला दिखना धन लाभ का संकेत होता है। आप सोकर उठे हों और उसी समय नेवला आपको दिख जाए तो गुप्त धन मिलने की संभावना रहती है।

11- यदि कोई सपने में दियासलाई जलाता है, तो उसे अनपेक्षित रूप से धन की प्राप्ति होती है। सपने में अगर किसी को धन उधार देते हैं तो अत्यधिक धन की प्राप्ति होती है। 

12- सपने में यदि गर्दन में मोच आ जाए तो भी अर्थ लाभ होता है। यदि पका हुआ संतरा देखे तो उसे शीघ्र ही अतुल धन-संपत्ति प्राप्त होने के योग बनते हैं। जो खेत में पके हुए गेहूं देखता है वह शीघ्र ही धनवान बन सकता है।
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पाठकों के विचार----
भारत में शकुन-अपशकुन की मान्यताएं काफी प्राचीन समय से चली आ रही हैं। आज भी काफी लोग इन पर विश्वास रखते हैं तो कुछ लोग इन बातों को अंधविश्वास का नाम देते हैं। ऐसे ही शकुन और अपशकुन के संबंध में आपके क्या विचार हैं? 

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